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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवसः सोच बदल कर शक्ति को साबित करनी होगी सार्थकता
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पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ इज्जतनगर में महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान सीनियर डीसीएम नीतू भी मौजूद रहीं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पेंटिंग, प्रतियोगिता और कई कार्यक्रम का हुआ आयोजन
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बरेली। ‘चाहे मैं जो बन जाऊं, गर्व से नारी ही कहलाऊंगी, चाहे युग कोई सा आए, मैं ही जगत जननी कहलाऊंगी’। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित हुए कार्यक्रमों में आत्मविश्वास के साथ इन्हीं पंक्तियों को सार्थक करने का आह्वान किया गया। सोमवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय समेत सभी कॉलेजों में मिशन शक्ति के तहत कार्यक्रम हुए। विजेताओं को पुरस्कार से नवाजा गया।
वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने डॉ. अनुभूति के निर्देशन में जागरूकता रैली निकाली और पोस्टर बनाए। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वूमेन स्टडीज की ओर से वेबिनार हुआ। कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने समाज का संचालन होने की मुख्य वजह संवेदना को बताया। कहा कि स्त्री संवेदना और जिम्मेदारी का प्रतीक है। ईश्वर ने सृजन की शक्ति तथा अन्य शक्तियां स्त्रियों को ही दी हैं, इसका उन्हें सकारात्मक प्रयोग करना चाहिए। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर की डीन प्रोफेसर सीमा मलिक ने परिवार और समाज से आधी आबादी का संरक्षण करने का आह्वान किया। महिलाओं के प्रति सोच को बदलने पर जोर दिया। यहां विशिष्ट वक्ता डॉ. क्षमता चौधरी ने महिलाओं को प्रत्येक क्षेत्र में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने की बात कही।
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वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने डॉ. अनुभूति के निर्देशन में जागरूकता रैली निकाली और पोस्टर बनाए। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वूमेन स्टडीज की ओर से वेबिनार हुआ। कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने समाज का संचालन होने की मुख्य वजह संवेदना को बताया। कहा कि स्त्री संवेदना और जिम्मेदारी का प्रतीक है। ईश्वर ने सृजन की शक्ति तथा अन्य शक्तियां स्त्रियों को ही दी हैं, इसका उन्हें सकारात्मक प्रयोग करना चाहिए। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर की डीन प्रोफेसर सीमा मलिक ने परिवार और समाज से आधी आबादी का संरक्षण करने का आह्वान किया। महिलाओं के प्रति सोच को बदलने पर जोर दिया। यहां विशिष्ट वक्ता डॉ. क्षमता चौधरी ने महिलाओं को प्रत्येक क्षेत्र में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने की बात कही।
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अग्रसेन महाविद्यालय में हुई विचार गोष्ठी
महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय के बीएड विभाग में विभिन्न लैंगिक मुद्दों पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. डीके गुप्ता, प्राचार्य डॉ. सौरभ अग्रवाल, विभागाध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी चंद्रा, चीफ प्रॉक्टर डॉ. विपुल मेहरोत्रा, डीन अंकुर गुप्ता ने एमएड प्रशिक्षु की मौजूदगी में दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। छात्र छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। यहां कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मीनाक्षी चंद्रा मौजूद रहीं।
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