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पीलीभीत में दीवार के मलबे में दबकर मासूम की मौत
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आयुष का फाईल फोटो।
- फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुर। कोतवाली क्षेत्र के गांव परेवा में रविवार देर शाम दो सांड़ आपस में भिड़ गए। सांड़ों की टक्कर से प्रेमपाल के घर की दीवार ढह गई। मलबे में दबकर प्रेमपाल के सात वर्षीय पुत्र आयुष की मौत हो गई। आयुष गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था।
कोतवाली क्षेत्र के गांव परेवा निवासी प्रेमपाल ने बताया कि उनके गांव में छुट्टा पशु बहुत समय से घूम रहे हैं। दो सांड़ रविवार को देर शाम उनके घर के पास आपस में भिड़ गए। ग्रामीणों ने लाठियां फटकार कर सांड़ों को खदेड़ने की कोशिश की मगर नतीजा नहीं निकला। सांड़ लड़ते-लड़ते प्रेमपाल के घर की दीवार के पास जा पहुंचे। साड़ों की लड़ाई में टक्कर लगने से दीवार ढह गई और दीवार के किनारे खेल रहा प्रेमपाल का सात वर्षीय पुत्र आयुष मलबे में दब गया।
घर वालों ने पड़ोसियों की मदद से मलबा हटाकर आयुष को बाहर निकाला और गांव पटनियां के एक प्राइवेट डाक्टर से उसका उपचार कराया। उपचार कराने के बाद प्रेमपाल आयुष को घर ले आए। आयुष रात भर कराहता रहा और सोमवार को सुबह उसने दम तोड़ दिया। उसके बाद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस हादसे से मासूम के घर में कोहराम मच गया।
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दो दिन पहले हुआ था आयुष के बाबा का निधन - परेवा के ग्राम प्रधान आकाश कमल शर्मा ने बताया कि मृतक आयुष के बाबा 65 वर्षीय चतुरबिहारी का लंबी बीमारी के बाद 16 अप्रैल को निधन हो गया था। 17 अप्रैल को सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया था। घर वाले अंतिम संस्कार से निपट ही पाए थे कि तब तक दूसरा हादसा हो गया। इस प्रकार इस परिवार में तीन दिनों में दो लोगों की जान चली गई।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव परेवा निवासी प्रेमपाल ने बताया कि उनके गांव में छुट्टा पशु बहुत समय से घूम रहे हैं। दो सांड़ रविवार को देर शाम उनके घर के पास आपस में भिड़ गए। ग्रामीणों ने लाठियां फटकार कर सांड़ों को खदेड़ने की कोशिश की मगर नतीजा नहीं निकला। सांड़ लड़ते-लड़ते प्रेमपाल के घर की दीवार के पास जा पहुंचे। साड़ों की लड़ाई में टक्कर लगने से दीवार ढह गई और दीवार के किनारे खेल रहा प्रेमपाल का सात वर्षीय पुत्र आयुष मलबे में दब गया।
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घर वालों ने पड़ोसियों की मदद से मलबा हटाकर आयुष को बाहर निकाला और गांव पटनियां के एक प्राइवेट डाक्टर से उसका उपचार कराया। उपचार कराने के बाद प्रेमपाल आयुष को घर ले आए। आयुष रात भर कराहता रहा और सोमवार को सुबह उसने दम तोड़ दिया। उसके बाद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस हादसे से मासूम के घर में कोहराम मच गया।
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दो दिन पहले हुआ था आयुष के बाबा का निधन - परेवा के ग्राम प्रधान आकाश कमल शर्मा ने बताया कि मृतक आयुष के बाबा 65 वर्षीय चतुरबिहारी का लंबी बीमारी के बाद 16 अप्रैल को निधन हो गया था। 17 अप्रैल को सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया था। घर वाले अंतिम संस्कार से निपट ही पाए थे कि तब तक दूसरा हादसा हो गया। इस प्रकार इस परिवार में तीन दिनों में दो लोगों की जान चली गई।