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मजबूरी में पैदल ही घर के लिए निकल पड़े मजदूर, खेतों के गन्ने खाकर मिटा रहे हैं भूख-प्यास
Fri, 27 Mar 2020 03:11 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: प्राची प्रियम
Updated Fri, 27 Mar 2020 03:11 PM IST
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खेत से गन्ना खाकर भूख मिटाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना को लेकर देश में लागू 21 दिन का लॉकडाउन बाहरी जिलों में फंसे मजदूर और गरीब तबके के लोगों को भारी पड़ रहा है। साधन के अभाव में कोई ठेली से तो कोई पैदल ही दिल्ली से बिहार, बरेली, बहराइच आदि जगहों में स्थित अपने घर जा रहे हैं। भूखे प्यासे लोग खेतों से गन्ने तोड़कर अपनी भूख व प्यास मिटा रहे हैं।
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देश के तमाम हिस्सों के लोग दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड आदि स्थानों में परिवार समेत मजदूरी करने जाते हैं। लॉकडाउन होने के बाद से इन परिवारों की मुसीबत बढ़ गई है। मजदूरों को उनके मालिकों ने भी पगार नहीं दी और न ही उन्हें सिर छिपाने का ठिकाना मिला।
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छोटे-छोटे बच्चों को लेकर ये लोग पैदल ही अपने घरों को रवाना होने लगे। ऐसे लोगों के जत्थे कई जिलों में पहुंच रहे हैं। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर मैगलगंज में पैदल सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। इनमें कुछ के पास अपनी ठेली थी। उनके पास खाने-पीने की कोई सामग्री नहीं है।
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उनके घरों की दूरी कई सौ किलोमीटर है। इनमें सिद्धार्थनगर, गोंडा, फैजाबाद, बहराइच, बिहार तक के लोग शामिल हैं। यह लोग घर पहुंचने के रास्ते में मजबूरी में गन्ना खाकर अपनी भूख व प्यास मिटा रहे हैं। मोहम्मदी में गुरुवार को भी कई लोग पैदल पहुंचे थे।
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पैदल आने वाले लोगों की सूचना मिलती है तो उन्हें खाने-पीने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। उन्हें वाहनों की व्यवस्था कर उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है।