{"_id":"6638114761f72feb85074ab4","slug":"inaugurated-six-months-ago-2-km-the-road-till-is-still-dilapidated-bareilly-news-c-4-1-bly1039-395577-2024-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: छह माह पूर्व उद्घाटन, दो किमी. तक की सड़क अब भी जर्जर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: छह माह पूर्व उद्घाटन, दो किमी. तक की सड़क अब भी जर्जर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव के दौरान मार्ग बंद रहने से पोलिंग पार्टियों से लेकर मतदाताओं को होगी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शाही। छह महीने पहले हुए उद्घाटन के बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग दो किलोमीटर का शाही-मिर्जापुर मार्ग का पुन: निर्माण अभी तक नहीं करवा सका है। इससे यह मार्ग बंद पड़ा है। निर्माण में धीमी गति के कारण चुनाव के दौरान लोगों को परेशानी उठानी होगी।
शाही से मिर्जापुर तक की दो किलोमीटर सड़क पिछले सात वर्षों से पूरी तरह से जर्जर स्थिति में है। इस मार्ग से डेढ़ सौ से अधिक गांव सीधे जुड़े हुए हैं। तहसील आदि के काम निपटाने के लिए भी इन गांवों के लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके अलावा मीरगंज स्थित शुगर मिल में गन्ना ले जाने के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग होता है। आवागमन की दृष्टि से देखते हुए पहली किस्त के रूप में साढ़े बारह करोड़ रुपये की राशि भी मिली है। लेकिन इस मार्ग की अनदेखी पीडब्ल्यूडी विभाग ने जम कर की है।
सात मई को बरेली लोकसभा का चुनाव है। तमाम गांव के बूथों के लिए पोलिंग पार्टियां सोमवार को रवाना होंगी। इन पार्टियों को ले जाने वाले वाहन तथा मतदान के दिन प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आने-जाने के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग ज्यादा आसान रहता है। लेकिन पीडब्ल्यूडी ने चार पहिया वाहनों के आने जाने के लिए इस मार्ग को बंद कर दिया है। ऐसे में मतदान स्थल पर पहुंचने के लिए अधिकारियों को अधिक दूरी तय करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही लोगों को भी परेशानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शाही। छह महीने पहले हुए उद्घाटन के बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग दो किलोमीटर का शाही-मिर्जापुर मार्ग का पुन: निर्माण अभी तक नहीं करवा सका है। इससे यह मार्ग बंद पड़ा है। निर्माण में धीमी गति के कारण चुनाव के दौरान लोगों को परेशानी उठानी होगी।
शाही से मिर्जापुर तक की दो किलोमीटर सड़क पिछले सात वर्षों से पूरी तरह से जर्जर स्थिति में है। इस मार्ग से डेढ़ सौ से अधिक गांव सीधे जुड़े हुए हैं। तहसील आदि के काम निपटाने के लिए भी इन गांवों के लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके अलावा मीरगंज स्थित शुगर मिल में गन्ना ले जाने के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग होता है। आवागमन की दृष्टि से देखते हुए पहली किस्त के रूप में साढ़े बारह करोड़ रुपये की राशि भी मिली है। लेकिन इस मार्ग की अनदेखी पीडब्ल्यूडी विभाग ने जम कर की है।
विज्ञापन
सात मई को बरेली लोकसभा का चुनाव है। तमाम गांव के बूथों के लिए पोलिंग पार्टियां सोमवार को रवाना होंगी। इन पार्टियों को ले जाने वाले वाहन तथा मतदान के दिन प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आने-जाने के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग ज्यादा आसान रहता है। लेकिन पीडब्ल्यूडी ने चार पहिया वाहनों के आने जाने के लिए इस मार्ग को बंद कर दिया है। ऐसे में मतदान स्थल पर पहुंचने के लिए अधिकारियों को अधिक दूरी तय करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही लोगों को भी परेशानी होगी।
विज्ञापन