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Bareilly News: गला कसकर हत्या करने वाला इनामी सूरज गिरफ्तार
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फरीदपुर (बरेली)। लेखपाल मनीष कश्यप के गले में मफलर का फंदा कसकर हत्या करने वाले सूरज को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। सूरज पर एसएसपी ने 25000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
फरीदपुर तहसील में लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप का 27 नवंबर को तहसील से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। कुछ दिन बाद पुलिस ने कपूरपुर गांव निवासी ओमवीर कश्यप व उसके मामा नन्हे को गिरफ्तार कर पुलिस ने हत्या का खुलासा किया था। कैंट थाने की बभिया चौकी क्षेत्र में नाले से लेखपाल के शव का कंकाल बरामद करने का दावा किया था। ओमवीर के बयान के बाद पुलिस हत्या के अन्य आरोपियों की तलाश कर रही थी। सीओ आशुतोष शिवम के मुताबिक सोमवार तड़के सूचना पर मिली कि सूरज गौसगंज नहर रोड पर जा रहा है।
पुलिस ने उसे टोका तो सूरज ने पुलिस पर गोली चला दी। बचाव में पुलिस ने गोली चलाई जो सूरज की बाई टांग पर लगी। पुलिस ने उससे तमंचा, दो कारतूस व 140 रुपये बरामद किए।
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ओमवीर के कहने पर हत्या की बात कबूली
बरेली। इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ में सूरज ने ओमवीर के कहने पर लेखपाल की हत्या करना स्वीकार किया। बताया कि ओमवीर उसका रिश्ते का जीजा है। ओमवीर की लेखपाल मनीष से दोस्ती थी। वह मनीष को अपना भाई बताता था और उनके नाम पर कमाई करता था। ओमवीर ने ही मनीष का अपहरण कर छिपाने और छोड़ने के नाम पर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। योजना कामयाब नहीं हुई तो हत्या का मन बना लिया। वह सभी लोग नशे में थे। ओमवीर कार चला रहा था और मनीष भी आगे बैठे थे। उसने पीछे की सीट पर बैठकर ही मफलर डालकर मनीष का गला कस दिया। वह नशे में होने की वजह से विरोध न कर सका और उसकी मौत हो गई। शव नाले में फेंककर वह लोग चले आए। तब से वह छिपता हुआ घूम रहा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि ओमवीर के रिश्तेदार नेत्रपाल की गिरफ्तारी बाकी है। संवाद
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फरीदपुर तहसील में लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप का 27 नवंबर को तहसील से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। कुछ दिन बाद पुलिस ने कपूरपुर गांव निवासी ओमवीर कश्यप व उसके मामा नन्हे को गिरफ्तार कर पुलिस ने हत्या का खुलासा किया था। कैंट थाने की बभिया चौकी क्षेत्र में नाले से लेखपाल के शव का कंकाल बरामद करने का दावा किया था। ओमवीर के बयान के बाद पुलिस हत्या के अन्य आरोपियों की तलाश कर रही थी। सीओ आशुतोष शिवम के मुताबिक सोमवार तड़के सूचना पर मिली कि सूरज गौसगंज नहर रोड पर जा रहा है।
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पुलिस ने उसे टोका तो सूरज ने पुलिस पर गोली चला दी। बचाव में पुलिस ने गोली चलाई जो सूरज की बाई टांग पर लगी। पुलिस ने उससे तमंचा, दो कारतूस व 140 रुपये बरामद किए।
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ओमवीर के कहने पर हत्या की बात कबूली
बरेली। इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ में सूरज ने ओमवीर के कहने पर लेखपाल की हत्या करना स्वीकार किया। बताया कि ओमवीर उसका रिश्ते का जीजा है। ओमवीर की लेखपाल मनीष से दोस्ती थी। वह मनीष को अपना भाई बताता था और उनके नाम पर कमाई करता था। ओमवीर ने ही मनीष का अपहरण कर छिपाने और छोड़ने के नाम पर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। योजना कामयाब नहीं हुई तो हत्या का मन बना लिया। वह सभी लोग नशे में थे। ओमवीर कार चला रहा था और मनीष भी आगे बैठे थे। उसने पीछे की सीट पर बैठकर ही मफलर डालकर मनीष का गला कस दिया। वह नशे में होने की वजह से विरोध न कर सका और उसकी मौत हो गई। शव नाले में फेंककर वह लोग चले आए। तब से वह छिपता हुआ घूम रहा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि ओमवीर के रिश्तेदार नेत्रपाल की गिरफ्तारी बाकी है। संवाद