Bareilly News: तीन साल में जिले की जीडीपी में हुआ इजाफा, 23 फीसदी बढ़ी आम आदमी की कमाई
बरेली में उद्योगों की बढ़ती रफ्तार के दम पर जिला अब प्रदेश के जीडीपी में अहम योगदान देने लगा है। नियोजन विभाग के अर्थ एवं संख्या प्रभाग के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
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तीन साल में बरेली जिले का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) सवाई हो गया है। वहीं, आम आदमी की कमाई में करीब 23 फीसदी का इजाफा हुआ है। कोरोना महामारी के बाद उद्योगों की बढ़ती रफ्तार के दम पर जिला अब प्रदेश के जीडीपी में अहम योगदान देने लगा है। नियोजन विभाग के अर्थ एवं संख्या प्रभाग के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के जीडीपी में 2.23 फीसदी योगदान के साथ जिला सातवें पायदान पर है।
जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले का जीडीपी वर्ष 2021-22 में 45067 करोड़, 2022-23 में 50984 करोड़ और 2023-24 में 57088 करोड़ रुपये रहा। इस लिहाज से देखें तो वर्ष 2021-22 के मुकाबले वर्ष 2023-24 में इसमें करीब 26 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2021-22 में जिले की तात्कालिक जनसंख्या के अनुसार प्रति व्यक्ति आय 74,448 रुपये, 2022-23 में 82723 और 2023-24 में 91511 रुपये रही। यानी तीन वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में करीब 23 फीसदी का इजाफा हुआ है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. आशुतोष के मुताबिक किसी जिले में उत्पादित सभी वस्तुओं, सेवाओं के मूल्य का योग जीडीपी कहा जाता है। जीडीपी किसी देश की सीमा के भीतर निश्चित अवधि में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के मोद्रिक मूल्य को कहते हैं। ये जिले के आर्थिक परिदृश्य और निवेश प्रोत्साहनों के आकलन पर आधारित होता है।
जिला सकल घरेलू उत्पाद प्रति व्यक्ति आय स्थापित नए उद्योग
बरेली 57,088 91,511 401
शाहजहांपुर 30,957 76,366 116
बदायूं 30,208 60,864 72
पीलीभीत 21,066 66,708 93
(नोट: सकल घरेलू उत्पाद करोड़ रुपये में। प्रति व्यक्ति आय रुपये में)
ऐसे तय होती है प्रति व्यक्ति आय
अर्थशास्त्री विजय सिंह राघव के मुताबिक प्रति व्यक्ति आय का आकलन जिले के सकल घरेलू उत्पाद और उस वर्ष की आबादी के अनुपात का औसत निकालकर किया जाता है। यह सभी पर एक समान लागू होती है। किस वर्ग की कितनी आय है, इसका पता नहीं चलता। यानी कुछ लोगों की आय औसत से कई गुना होगी और कुछ की औसत से काफी कम भी हो सकती है।
682 नए उद्योग लगे
संयुक्त आयुक्त उद्योग कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, बीते चार वित्त वर्ष में 947 निवेशकों ने उद्योग स्थापना के लिए करार किए। इनमें से 396 इकाइयों ने प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए सहमति दे दी है। 286 इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है। इन इकाइयों में 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। इस बीच कारोबारी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। स्थानीय स्तर पर नए उद्योग भी स्थापित हो रहे हैं।