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नौकरी की लालसा में अभ्यर्थी सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार करते रहे.. अफसर खामोश देखते रहे
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300 बैड अस्पताल में संविदा पर भर्ती के लिए साक्षात्कार देने आए अभ्यर्थी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पदों की संख्या की जानकारी न होने से बड़ी तादाद में इंटरव्यू देने कलक्ट्रेट पहुंचे अभ्यर्थी
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शारीरिक दूरी के मानक रहे नदारद, मास्क भी नहीं लगाए थे कई अभ्यर्थी
बरेली। जिले को कोरोना संक्रमण से बचाव की सीख देने वाला कलक्ट्रेट ही शुक्रवार को कोविड प्रोटोकॉल के मानकों के खुलेआम उल्लंघन का गवाह बना। बड़ी तादाद में कोविल एल-2 अस्पताल में संविदा पदों पर भर्ती के लिए उमड़े अभ्यर्थियों के चलते कलक्ट्रेट परिसर में शारीरिक दूरी के मानक तार-तार हो गए। नौकरी की लालसा में अभ्यर्थी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते रहे और अफसर खामोशी से उन्हें ऐसे करते देखते रहे। हालात जब बेकाबू हो गए तो भीड़ नियंत्रित करने के लिए कलक्ट्रेट गेट पर ताला लगाकर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई। पुलिस का भी सहयोग लिया गया।
तीन सौ बेड अस्पताल को कोविड एल-2 अस्पताल बनाने के लिए जरूरी उपकरण तो शासन ने भेज दिए हैं, लेकिन संक्रमितों के इलाज के लिए डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड ब्वॉय, फार्मासिस्ट आदि नहीं मिले हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में अस्थायी भर्ती का विज्ञापन प्रकाशित किया। सुबह 11 से शाम पांच बजे तक चले इंटरव्यू में 123 पदों के लिए करीब 1336 अभ्यर्थी पहुंचे। इसके चलते कलक्ट्रेट में सुबह से शाम तक गहमागहमी का माहौल रहा। डीएम, सीडीओ, सीएमओ, एडीएम (ई) समेत तमाम अफसरों और वरिष्ठ सहायकों ने विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया। शाम पांच बजे के बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया बंद कर दी गई। लिहाजा कई अभ्यर्थी इंटरव्यू देने से वंचित रह गए। इस दौरान तमाम अभ्यर्थी मास्क नहीं लगाए थे। उन्हें पुलिसकर्मियों ने फटकार भी लगाई। लंबी लाइन में काफी देर तक खड़े होकर कुछ थककर जमीन पर बैठ गए।
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बुधवार तक आ सकता है परिणाम
जानकारी के मुताबिक आई सर्जन के एक, परामर्शदाता के दो, चिकित्साधिकारी के 21, गायनोकोलॉजिस्ट-एक, फिजिशियन-छह, एनेस्थेटिक-छह, स्टाफ नर्स-38, लैब टेक्नीशियन-छह, फार्मासिस्ट-छह, वार्ड ब्वॉय-18 और आया-स्वीपर के 18 समेत कुल 123 पदों के लिए अस्थायी भर्तियां निकाली गई थीं। इसके लिए 1336 अभ्यर्थी इंटरव्यू देने पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मंगलवार देर रात या बुधवार सुबह परिणाम घोषित होंगे।
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घंटों लाइन में लगकर अभ्यर्थी हुए बेहाल तो जमीन पर बैठे
भर्ती के लिए इंटरव्यू देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने अव्यवस्था का आरोप लगाया। सोनम, शिल्पी और वर्षा का कहना था कि वह सुबह ही इंटरव्यू के लिए पहुंच गईं थीं। यहां पीने को पानी तक नहीं मिला। मांगने पर साथ में पानी लाने का सुझाव दिया गया। ऐसे में बाहर खड़े परिजन से पानी मंगाया तो उन्हें अंदर ही नहीं आने दिया गया। खुद ही बाहर जाकर पानी की बोतल लेकर आईं। काफी देर तक लाइन में लगी रहीं फिर थककर जमीन पर बैठना पड़ा।
अस्पताल में ड्यूटी के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली र्गइं थीं। काफी तादाद में अभ्यर्थियों के आने पर व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी। शांतिपूर्ण तरीके से इंटरव्यू संपन्न हुए। - नितीश कुमार, डीएम
आरोप: आधे-अधूरे विज्ञापन से गुमराह हुए अभ्यर्थी, जताई नाराजगी
बरेली। संविदा और अस्थायी पदों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निकाला गया विज्ञापन ही सवालों के घेरे में हैं। विज्ञापन में पदों की संख्या, आरक्षण और कितनी अवधि के लिए भर्ती होगी, आदि का जिक्र न होने पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। जिला स्वास्थ्य समिति की तरफ से स्वीकृति पदों को भी शामिल करने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अफसर नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बता रहे हैं।
तीन सौ बेड अस्पताल में ड्यूटी के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन दिन पहले विज्ञापन प्रकाशित कराया था। मगर इसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़ी चूक कर दी गई, इसका खामियाजा अभ्यर्थियों को उठाना पड़ा। अगर सही सूचना प्रकाशित होती तो वह बेवजह दौड़भाग न करते। विज्ञापन में पदों की संख्या, एक से अधिक पद होने पर आरक्षण की जानकारी, साथ ही, संविदा पद कितनी अवधि का होगा इसका जिक्र किया जाना जरूरी था। मगर, सब नियम कायदे ताक पर रखकर विज्ञापन निकलवा दिया। अभ्यर्थी तमाम जानकारियां छिपाने की आशंका जता रहे हैं। ठग भी सक्रिय हो सकते हैं। बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग में एक युवक को नौकरी का झांसा देकर उससे 2.70 लाख रुपये की उगाही कर ली गई थी। विभाग के ही एक डॉक्टर पर ठगी का आरोप लगा है।
संविदा पदों पर भर्ती को लेकर जारी विज्ञापन में कुछ खामियां रह गई हैं। पद संख्या, आरक्षण, अवधि का जिक्र होना चाहिए था। मगर भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ
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शारीरिक दूरी के मानक रहे नदारद, मास्क भी नहीं लगाए थे कई अभ्यर्थी बरेली। जिले को कोरोना संक्रमण से बचाव की सीख देने वाला कलक्ट्रेट ही शुक्रवार को कोविड प्रोटोकॉल के मानकों के खुलेआम उल्लंघन का गवाह बना। बड़ी तादाद में कोविल एल-2 अस्पताल में संविदा पदों पर भर्ती के लिए उमड़े अभ्यर्थियों के चलते कलक्ट्रेट परिसर में शारीरिक दूरी के मानक तार-तार हो गए। नौकरी की लालसा में अभ्यर्थी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते रहे और अफसर खामोशी से उन्हें ऐसे करते देखते रहे। हालात जब बेकाबू हो गए तो भीड़ नियंत्रित करने के लिए कलक्ट्रेट गेट पर ताला लगाकर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई। पुलिस का भी सहयोग लिया गया।
तीन सौ बेड अस्पताल को कोविड एल-2 अस्पताल बनाने के लिए जरूरी उपकरण तो शासन ने भेज दिए हैं, लेकिन संक्रमितों के इलाज के लिए डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड ब्वॉय, फार्मासिस्ट आदि नहीं मिले हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में अस्थायी भर्ती का विज्ञापन प्रकाशित किया। सुबह 11 से शाम पांच बजे तक चले इंटरव्यू में 123 पदों के लिए करीब 1336 अभ्यर्थी पहुंचे। इसके चलते कलक्ट्रेट में सुबह से शाम तक गहमागहमी का माहौल रहा। डीएम, सीडीओ, सीएमओ, एडीएम (ई) समेत तमाम अफसरों और वरिष्ठ सहायकों ने विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया। शाम पांच बजे के बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया बंद कर दी गई। लिहाजा कई अभ्यर्थी इंटरव्यू देने से वंचित रह गए। इस दौरान तमाम अभ्यर्थी मास्क नहीं लगाए थे। उन्हें पुलिसकर्मियों ने फटकार भी लगाई। लंबी लाइन में काफी देर तक खड़े होकर कुछ थककर जमीन पर बैठ गए।
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बुधवार तक आ सकता है परिणाम
जानकारी के मुताबिक आई सर्जन के एक, परामर्शदाता के दो, चिकित्साधिकारी के 21, गायनोकोलॉजिस्ट-एक, फिजिशियन-छह, एनेस्थेटिक-छह, स्टाफ नर्स-38, लैब टेक्नीशियन-छह, फार्मासिस्ट-छह, वार्ड ब्वॉय-18 और आया-स्वीपर के 18 समेत कुल 123 पदों के लिए अस्थायी भर्तियां निकाली गई थीं। इसके लिए 1336 अभ्यर्थी इंटरव्यू देने पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मंगलवार देर रात या बुधवार सुबह परिणाम घोषित होंगे।
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घंटों लाइन में लगकर अभ्यर्थी हुए बेहाल तो जमीन पर बैठे
भर्ती के लिए इंटरव्यू देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने अव्यवस्था का आरोप लगाया। सोनम, शिल्पी और वर्षा का कहना था कि वह सुबह ही इंटरव्यू के लिए पहुंच गईं थीं। यहां पीने को पानी तक नहीं मिला। मांगने पर साथ में पानी लाने का सुझाव दिया गया। ऐसे में बाहर खड़े परिजन से पानी मंगाया तो उन्हें अंदर ही नहीं आने दिया गया। खुद ही बाहर जाकर पानी की बोतल लेकर आईं। काफी देर तक लाइन में लगी रहीं फिर थककर जमीन पर बैठना पड़ा।
अस्पताल में ड्यूटी के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली र्गइं थीं। काफी तादाद में अभ्यर्थियों के आने पर व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी। शांतिपूर्ण तरीके से इंटरव्यू संपन्न हुए। - नितीश कुमार, डीएम
आरोप: आधे-अधूरे विज्ञापन से गुमराह हुए अभ्यर्थी, जताई नाराजगी
बरेली। संविदा और अस्थायी पदों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निकाला गया विज्ञापन ही सवालों के घेरे में हैं। विज्ञापन में पदों की संख्या, आरक्षण और कितनी अवधि के लिए भर्ती होगी, आदि का जिक्र न होने पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। जिला स्वास्थ्य समिति की तरफ से स्वीकृति पदों को भी शामिल करने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अफसर नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बता रहे हैं।तीन सौ बेड अस्पताल में ड्यूटी के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन दिन पहले विज्ञापन प्रकाशित कराया था। मगर इसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़ी चूक कर दी गई, इसका खामियाजा अभ्यर्थियों को उठाना पड़ा। अगर सही सूचना प्रकाशित होती तो वह बेवजह दौड़भाग न करते। विज्ञापन में पदों की संख्या, एक से अधिक पद होने पर आरक्षण की जानकारी, साथ ही, संविदा पद कितनी अवधि का होगा इसका जिक्र किया जाना जरूरी था। मगर, सब नियम कायदे ताक पर रखकर विज्ञापन निकलवा दिया। अभ्यर्थी तमाम जानकारियां छिपाने की आशंका जता रहे हैं। ठग भी सक्रिय हो सकते हैं। बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग में एक युवक को नौकरी का झांसा देकर उससे 2.70 लाख रुपये की उगाही कर ली गई थी। विभाग के ही एक डॉक्टर पर ठगी का आरोप लगा है।
संविदा पदों पर भर्ती को लेकर जारी विज्ञापन में कुछ खामियां रह गई हैं। पद संख्या, आरक्षण, अवधि का जिक्र होना चाहिए था। मगर भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ