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आला हजरत, राधेश्याम शोध पीठ स्थापना की दौड़ी चिट्ठी
बरेली
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:45 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इमाम अहमद रजा खां (आला हजरत) और राधेश्याम शोध पीठ की स्थापना के लिए अब शासन भी सक्रिय हो गया है। शासन ने कुलपति को पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी है और जल्द ही स्थापना करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आला हजरत और राधेश्याम शोध पीठ की स्थापना की घोषणा की थी। लेकिन, इस संबंध में शासन कोई फंड देने के बजाय विश्वविद्यालय को ही शोध पीठ की स्थापना का निर्देश दिया है। विशेष सचिव मधु जोशी की ओर से भेजे गए पत्र में निर्देश दिया गया है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय बचत का विश्वविद्यालय है, इसे शासन की ओर से किसी भी तरह का अनुदान नहीं दिया जाता है। विश्वविद्यालय में शोध पर पहले से ही काम होता रहा है। विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं के अंतर्गत इमाम अहमद रजा (आला हजरत) और पं. राधेश्याम के नामों से शोध पीठ की स्थापना करने और उसका संचालन सुनिश्चित करें। कई सालों से विश्वविद्यालय में यह प्रस्ताव चल रहा था। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब शासन भी रिपोर्ट मांगने लगा है। शासन जल्द ही स्थापना के निर्देश दे रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय है कि उसने अब तक कोई काम ही नहीं शुरू किया है। अभी विश्वविद्यालय में आला हजरत और राधेश्याम शोध पीठ की स्थापना की कोई सुगबुगाहट ही नहीं है। विश्वविद्यालय अपनी ही धुन में चल रहा है।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आला हजरत और राधेश्याम शोध पीठ की स्थापना की घोषणा की थी। लेकिन, इस संबंध में शासन कोई फंड देने के बजाय विश्वविद्यालय को ही शोध पीठ की स्थापना का निर्देश दिया है। विशेष सचिव मधु जोशी की ओर से भेजे गए पत्र में निर्देश दिया गया है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय बचत का विश्वविद्यालय है, इसे शासन की ओर से किसी भी तरह का अनुदान नहीं दिया जाता है। विश्वविद्यालय में शोध पर पहले से ही काम होता रहा है। विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं के अंतर्गत इमाम अहमद रजा (आला हजरत) और पं. राधेश्याम के नामों से शोध पीठ की स्थापना करने और उसका संचालन सुनिश्चित करें। कई सालों से विश्वविद्यालय में यह प्रस्ताव चल रहा था। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब शासन भी रिपोर्ट मांगने लगा है। शासन जल्द ही स्थापना के निर्देश दे रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय है कि उसने अब तक कोई काम ही नहीं शुरू किया है। अभी विश्वविद्यालय में आला हजरत और राधेश्याम शोध पीठ की स्थापना की कोई सुगबुगाहट ही नहीं है। विश्वविद्यालय अपनी ही धुन में चल रहा है।
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