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विश्वविद्यालय ने मजाक बना दी इम्प्रूवमेंट परीक्षा
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:11 AM IST
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की इम्प्रूवमेंट परीक्षा अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई। अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्रों में गलत विषय दर्ज होने की वजह से सभी को परेशानी का सामना करना पड़ा। बरेली कालेज में परीक्षार्थी विषय बदलवाने के लिए घंटों इधर उधर दौड़ते रहे। लंबी लाइन में लगकर जैसे तैसे अभ्यर्थियों ने परीक्षा का विषय सही कराया। इसके बाद केन्द्र पर कई विषयों के प्रश्नपत्र कम पड़ गये। बाद में पेपर का फोटो स्टेट कराकर किसी तरह परीक्षा करायी गई। सीटिंग प्लान भी अव्यवस्थित रहा। गड़बड़ियों की वजह से बरेली कालेज में सुबह की पाली की परीक्षा 15 मिनट और दोपहर की पाली की परीक्षा 50 मिनट देर से शुरू हुई॥
मंगलवार दोपहर दो बजे से बरेली कालेज में स्नातकोत्तर कक्षाओं की परीक्षाओं में लगभग 1500 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। 80 फीसदी परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्रों में गलत विषय दर्ज थे। इन्हें सही कराने के लिए परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षार्थी कार्यालय और कंट्रोल रूम में परेशान होते रहे। काफी मशक्कत के बाद प्रवेशपत्र की गड़बड़ी ठीक कर परीक्षा शुरू कराई गई।
प्रश्नपत्र बांटने में लग गये डेढ़ घंटे
विश्वविद्यालय से बदइंतजामी तो हुई ही, पहले दिन की परीक्षा कराने में बरेली कालेज प्रशासन के भी हाथ-पैर फूल गए। 50 मिनट देर से परीक्षा शुरू होने के बाद भी एक कमरे में करीब डेढ़ घंटे बाद परीक्षा शुरू हुई। यहां बैठे परीक्षार्थियों के लिए फोटो स्टेट पेपर लाने में अधिक समय लग गया। इससे शिक्षक भी खीझे नजर आए।
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अधीक्षक ने कहा- पेपर दो वरना नहीं कराएंगे परीक्षा
बरेली कालेज के परीक्षा अधीक्षक डॉ. दीपक आनंद विश्वविद्यालय की बदइंतजामी से काफी खफा नजर आए। उन्होंने विश्वविद्यालय जाकर कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन और कुलसचिव डॉ. साहिबलाल मौर्य को कम पेपर आने पर नाराजगी जताई और साफ कह दिया कि इन हालात में परीक्षा नहीं कराई जा सकती। वह परीक्षा की जिम्मेदारी छोड़ देंगे। डॉ. आनंद ने बताया कि कुलसचिव से कह दिया है कि अगर आगे की परीक्षाओं में भी पेपर कम भेजे गए तो कालेज फोटोस्टेट कराकर परीक्षार्थियों को पर्चे नहीं बांटेगा। उन्होंने बताया कि 39 साल की अपनी नौकरी में ऐसे हालात में कभी परीक्षा नहीं कराई।
जवाबदेही से बच रहे कुलसचिव
इंप्रूवमेंट परीक्षाओं में अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार विश्वविद्यालय के अफसरों को अब कुछ कहते नहीं बन रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 78 हजार परीक्षार्थियों के लिए इंप्रूवमेंट परीक्षा के प्रवेश पत्र लखनऊ की एक एजेंसी से तैयार कराए। अफसरों की कृपापात्र इस एजेंसी ने 80 फीसदी परीक्षार्थियों के विषय बदल दिए। हिंदी वालों को आर्ट, अंग्रेजी, समाजशास्त्र और इतिहास वालों को कंप्यूटर साइंस, मैथ, मैथ वालों को हिंदी, विज्ञान जैसे विषय दे दिए गए। इतना ही नहीं बहुत से परीक्षार्थियों की कक्षाओं को भी बदल दिया गया। बीकाम वालों की परीक्षा बीए और बीएससी वालों की बीकाम लिख दी गई। हालांकि परीक्षार्थियों के लिए कुलसचिव ने परीक्षा केंद्र पर विषय बदलवाने का फरमान जारी कर दिया था लेकिन बदइंतजामी के लिए जवाबदेही से वह बचे नजर आए। पेपर कम पड़े तो परीक्षा केंद्रों से उनको फोन किए गए लेकिन शाम को उन्होंने अपना मोबाइल स्विच आफ कर लिया।
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मंगलवार दोपहर दो बजे से बरेली कालेज में स्नातकोत्तर कक्षाओं की परीक्षाओं में लगभग 1500 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। 80 फीसदी परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्रों में गलत विषय दर्ज थे। इन्हें सही कराने के लिए परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षार्थी कार्यालय और कंट्रोल रूम में परेशान होते रहे। काफी मशक्कत के बाद प्रवेशपत्र की गड़बड़ी ठीक कर परीक्षा शुरू कराई गई।
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प्रश्नपत्र बांटने में लग गये डेढ़ घंटे
विश्वविद्यालय से बदइंतजामी तो हुई ही, पहले दिन की परीक्षा कराने में बरेली कालेज प्रशासन के भी हाथ-पैर फूल गए। 50 मिनट देर से परीक्षा शुरू होने के बाद भी एक कमरे में करीब डेढ़ घंटे बाद परीक्षा शुरू हुई। यहां बैठे परीक्षार्थियों के लिए फोटो स्टेट पेपर लाने में अधिक समय लग गया। इससे शिक्षक भी खीझे नजर आए।
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अधीक्षक ने कहा- पेपर दो वरना नहीं कराएंगे परीक्षा
बरेली कालेज के परीक्षा अधीक्षक डॉ. दीपक आनंद विश्वविद्यालय की बदइंतजामी से काफी खफा नजर आए। उन्होंने विश्वविद्यालय जाकर कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन और कुलसचिव डॉ. साहिबलाल मौर्य को कम पेपर आने पर नाराजगी जताई और साफ कह दिया कि इन हालात में परीक्षा नहीं कराई जा सकती। वह परीक्षा की जिम्मेदारी छोड़ देंगे। डॉ. आनंद ने बताया कि कुलसचिव से कह दिया है कि अगर आगे की परीक्षाओं में भी पेपर कम भेजे गए तो कालेज फोटोस्टेट कराकर परीक्षार्थियों को पर्चे नहीं बांटेगा। उन्होंने बताया कि 39 साल की अपनी नौकरी में ऐसे हालात में कभी परीक्षा नहीं कराई।
जवाबदेही से बच रहे कुलसचिव
इंप्रूवमेंट परीक्षाओं में अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार विश्वविद्यालय के अफसरों को अब कुछ कहते नहीं बन रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 78 हजार परीक्षार्थियों के लिए इंप्रूवमेंट परीक्षा के प्रवेश पत्र लखनऊ की एक एजेंसी से तैयार कराए। अफसरों की कृपापात्र इस एजेंसी ने 80 फीसदी परीक्षार्थियों के विषय बदल दिए। हिंदी वालों को आर्ट, अंग्रेजी, समाजशास्त्र और इतिहास वालों को कंप्यूटर साइंस, मैथ, मैथ वालों को हिंदी, विज्ञान जैसे विषय दे दिए गए। इतना ही नहीं बहुत से परीक्षार्थियों की कक्षाओं को भी बदल दिया गया। बीकाम वालों की परीक्षा बीए और बीएससी वालों की बीकाम लिख दी गई। हालांकि परीक्षार्थियों के लिए कुलसचिव ने परीक्षा केंद्र पर विषय बदलवाने का फरमान जारी कर दिया था लेकिन बदइंतजामी के लिए जवाबदेही से वह बचे नजर आए। पेपर कम पड़े तो परीक्षा केंद्रों से उनको फोन किए गए लेकिन शाम को उन्होंने अपना मोबाइल स्विच आफ कर लिया।