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Bareilly News: एक-दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी, घटिया राशन खा रहे लाभार्थी

Sun, 14 Jul 2024 06:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2024 06:16 AM IST
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Imposing responsibilities on each other, beneficiaries eating poor ration
बरेली। कोटे से बंट रहे सरकारी राशन में कीड़े निकल रहे हैं। जांच में नमूने असुरक्षित और अधोमानक पाए जा रहे हैं। गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगने पर अब विभाग एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। इधर, लाभार्थियों की थाली में अधोमानक, असुरक्षित राशन पहुंच रहा है।
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कीड़ायुक्त राशन वितरण होने पर भारतीय खाद्य निगम के जिला प्रबंधक सुनील का कहना है कि गोदाम से खाद्यान्न के उठान के दौरान ही पूर्ति विभाग के एक प्रतिनिधि और एफसीआई के कर्मचारी का एक रजिस्टर पर हस्ताक्षर लिया जाता है। यह इस बात की पुष्टि करता है कि कोटेदार को भेजे जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता और वजन दोनों सटीक है। तभी वह गोदाम से बाहर जाता है। टीम प्रतिमाह गुणवत्ता की जांच करती है। अब तक कोई खामी नहीं मिली। गोदाम से खाद्यान्न निकलने के बाद की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
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इधर, जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि जो राशन दुकानों तक पहुंचता है, अधिकतम पांच दिनों में उसे बांट दिया जाता है। ऐसे में उसके अशुद्ध होने की आशंका नहीं है। न ही रखरखाव का सवाल उठता है। खाद्यान्न एफसीआई के छह गोदाम रसुइया, सीबीगंज, परसाखेड़ा, बहेड़ी, भुता, रिछा से कोटे की दुकानों पर पहुंचता है।
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रखरखाव पर सवालअफसर शासन से भेजे गए राशन को मानक के अनुरूप बताते हुए वेयर हाउस और कोटे की दुकानों में खाद्यान्न के रखरखाव पर सवाल उठा रहे हैं। उनके मुताबिक कई स्तर पर जांच के बाद कोटे पर राशन पहुंचता है। कोटे पर खाद्यान्न का रखरखाव सही न होना, कट्टा खोलकर राशन जमीन पर बिखेरना, दीवार, फर्श पर सीलन की वजह से कीड़े पनपने की आशंका जताई जा रही है।


कोटेदारों के खिलाफ दायर हो रहा वाद
जिला अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव का कहना है कि शासनादेश के तहत कोटे की दुकानों से खाद्यान्न का नमूना लेकर उसकी जांच कराई जा रही है। नमूने फेल होने पर नियमानुसार संबंधित कोटेदार के खिलाफ वाद दायर कराया जा रहा है। अब तक गेहूं, चावल के 16 नमूनों में से 12 गुणवत्ता मानक पर खरे नहीं मिले हैं। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। जांच लखनऊ लैब में होती है। ब्यूरो
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