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Bareilly News: धर्मस्थल की आड़ में किया अवैध निर्माण, नगर निगम ने बुलडोजर से ध्वस्त कराया अतिक्रमण

Mon, 20 Feb 2023 04:18 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 20 Feb 2023 04:18 PM IST
सार

सिविल लाइंस स्थित अक्षर विहार पार्क के पास धर्मस्थल की आड़ में पक्का निर्माण कर लिया। वहां दो दुकानें भी बना ली गईं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासन से कर दी। जांच में अतिक्रमण पाया गया। इस पर नगर निगम की टीम ने सोमवार को अवैध निर्माण पर बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

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Illegally constructed religious place was demolished with bulldozer
बुलडोजर से ढहाया गया अतिक्रमण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के सिविल लाइंस में अक्षर विहार पार्क के पास स्थित रसूल शाह बाबा मस्जिद के बाहर नाले पर अतिक्रमण कर पक्का निर्माण करा लिया गया था। नगर निगम ने इसे अवैध बताया और सोमवार दोपहर टीम उसे तोड़ने पहुंची। जानकारी पर इंतजामिया कमेटी के लोग पहुंचे और अधिकारियों से बात की। कमेटी ने अवैध निर्माण तोड़ने को सही बताते हुए कहा कि विकास में अवरोध दूर होना चाहिए।

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मस्जिद का गेट, सीढ़ियां और नाले पर बनीं दुकानों को नगर निगम की टीम ने तोड़ना शुरू किया तो वहां मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया। तीखी नोकझोंक भी हुई। सूचना पर एक राजनीतिक दल से जुड़े कुछ लोग भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शुरू में हंगामा भी किया। इसी दौरान इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारी पहुंचे और उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से बात की।
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उन्हें बताया गया कि मस्जिद का गेट, बाहर बनी दुकानें व सीढ़ियां अवैध हैं, ये नाले के ऊपर बनी हैं। कमेटी के लोगों ने भी इस बात को माना। बातचीत के बाद उन्होंने प्रशासन को रजामंदी दी और इस बात का स्वागत करते हुए कहा कि वह अवैध निर्माण के पक्ष में नहीं है। अवैध निर्माण यदि विकास में बाधा बन रहा है तो उसे हटना चाहिए।

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अतिक्रमण से पानी का निकास हो गया था बंद 

अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि नाले के ऊपर अतिक्रमण से पानी का निकास बंद हो गया था और पीछे के हिस्से में जलभराव की शिकायतें आ रही थीं। इसके तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई करने से पहले मस्जिद के जिम्मेदार लोगों को नोटिस भी भेजा गया था और कब्जा हटाने के लिए एक घंटे का समय दिया गया था।

इंतजामिया कमेटी के उपाध्यक्ष अमजद मुराद ने कहा कि मस्जिद सौ साल पुरानी हैं। कई साल पहले यहां दुकानें भी बनाई गई थीं। मुझे जब अतिक्रमण हटाने की जानकारी हुई तो हमारी कमेटी ने आपस में बात की और अतिक्रमण हटवाने में अधिकारियों का सहयोग किया। हमारी रजामंदी से ही यह हुआ है, कोई जोर जबरदस्ती नहीं हुई है।
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