फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   illegal mining

मिट्टी के खनन में भी खेल- सैकड़ों कॉलोनियां बन गईं.. कहीं मिट्टी इस्तेमाल नहीं हुई

Sat, 06 Jul 2019 02:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jul 2019 02:53 AM IST
विज्ञापन
illegal mining
बरेली। खनन सिर्फ नदियों में ही नहीं किया जा रहा है, शहर में भराव के लिए मिट्टी की जरूरत भी अवैध खनन से पूरी की जा रही है। यह अलग बात है कि हर रोज सैकड़ों ट्रैक्टर ट्राली मिट्टी शहर में आने के बावजूद न जिला प्रशासन के पास इसका रिकार्ड है न इस पर कोई मानीटरिंग ही हो रही है। अफसर कितनी गहरी नींद में सो रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मिट्टी के खनन के लिए प्रशासन से एक भी परमिशन नहीं ली गई है। हालांकि एडीएम वित्त की मानें तो यह सारा खेल पुलिस के संरक्षण में चल रहा है।
विज्ञापन

मार्च 2018 में मिट्टी पर रॉयल्टी तो खत्म कर दी गई लेकिन आदेश जारी किया गया कि खनन करने वालों को परमिशन लेने के साथ यह ब्योरा भी देना होगा कि वे मिट्टी के लिए कहां खनन कर रहे हैं और कहां मिट्टी का इस्तेमाल होगा। मगर असलियत यह है कि इस आदेश के तहत खनन विभाग से अब तक एक भी अनुमति नहीं ली गई है जबकि शहर में सैकड़ों कालोनियां बन चुकी हैं या बन रही हैं। नियम के मुताबिक मिट्टी का खनन करने से पहले खनन विभाग की अनुमति जरूरी है मगर बगैर परमिशन ही पीलीभीत बाईपास, मिनी बाईपास, डेलापीर रोड, बदायूं रोड समेत तमाम हिस्सों में खाली प्लाट और विकसित हो रहीं कॉलोनियों में हर रोज सैकड़ों ट्राली मिट्टी का इस्तेमाल हो रहा है।
विज्ञापन


ये हैं नियम
मिट्टी के खनन के लिए खनन विभाग की अनुमति जरूरी है। निर्धारित प्रारूप पर डीएम, एडीएम, खनन अधिकारी और बीडीओ के नाम पर एप्लीकेशन देनी होती है। आवेदक को जिस स्थान से मिट्टी लाई जा रही है, उसकी खतौनी के अनुसार भू स्वामी का भी पूरा ब्योरा देना होता है। यह भी सूचना देनी होती है कि कितनी मिट्टी का खनन हो रहा है, जहां मिट्टी खोदी जा रही है, वहां से निर्माण स्थल कितनी दूर है। मिट्टी ढोने वाले वाहन का नंबर, चालक का नाम और उसका मोबाइल नंबर भी बताना होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


10 ट्रॉली मिट्टी की ही है छूट
पिछले साल मार्च से पहले तक 10 ट्रॉली तक मिट्टी बगैर रायल्टी के ले जाने की छूट थी। किसानों को भी बाढ़ से खेतों में जाम होने वाली बालू और मौरंग को हटाने पर रायल्टी की छूट दी गई थी।

आवासीय प्लाट और कॉलोनियों में मिट्टी के भरान के लिए भी संबंधित लोगों को खनन विभाग से परमिशन लेनी चाहिए जो लोग नहीं कर रहे हैं। इसमें पुलिस की भी बड़ी भूमिका है। -मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed