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संक्रमित मिलने पर इलाज कराने के बजाए फोन बंद किया तो होगा केस
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एसडीएम ने महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की दी चेतावनी
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बरेली। कोरोना पॉजिटिव मिलने स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमित को लेने पहुंचती है तो कुछ लोग घर का पता बताने के बजाए अपना मोबाइल ऑफ कर लेते हैं। ऐसे में घंटों भटकने के बाद एंबुलेंस बगैर मरीज के ही लौट जाती है। कोरोना संक्रमितों के अस्पताल जाने के बजाए बाकी लोगों के बीच रहने से बाकी लोगों में संक्रमण का खतरा और भी बढ़ जाता है। एक के बाद एक कई ऐसे मामले आने के बाद प्रशासन ने अब इनके खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है। एसडीएम का कहना है कि ऐसे लोगों को चिन्हित करके उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में कुछ लोगों द्वारा जान बूझकर कोविड टेस्ट पॉजीटिव आने के उपरांत भी कोरोना के लक्षण न होने के कारण अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिया जाता है। अस्पताल जाने से आनाकानी की जाती है। जबकि शासन के निर्देशानुसार अलग-अलग प्रकार के मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों मसलन एल-1, एल-2, एल-3 के अंतर्गत रखकर उपचार किए जाने की व्यवस्था की गई है। किसी मरीज का अपने संबंधित अस्पताल में न जाकर दूसरे अस्पताल में जाने से न ही सिर्फ स्वयं के स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न होता है बल्कि बाकी लोगों में भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। एसडीएम ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की केस हिस्ट्री का संकलन जिला स्तर पर कराया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति के किए गए कृत्यों के कारण कोविड योद्धाओं एवं जन सामान्य के स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न होता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ महामारी अधिनियम तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में कुछ लोगों द्वारा जान बूझकर कोविड टेस्ट पॉजीटिव आने के उपरांत भी कोरोना के लक्षण न होने के कारण अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिया जाता है। अस्पताल जाने से आनाकानी की जाती है। जबकि शासन के निर्देशानुसार अलग-अलग प्रकार के मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों मसलन एल-1, एल-2, एल-3 के अंतर्गत रखकर उपचार किए जाने की व्यवस्था की गई है। किसी मरीज का अपने संबंधित अस्पताल में न जाकर दूसरे अस्पताल में जाने से न ही सिर्फ स्वयं के स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न होता है बल्कि बाकी लोगों में भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। एसडीएम ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की केस हिस्ट्री का संकलन जिला स्तर पर कराया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति के किए गए कृत्यों के कारण कोविड योद्धाओं एवं जन सामान्य के स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न होता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ महामारी अधिनियम तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम तहत कार्रवाई की जाएगी।
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