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Bareilly News: छह माह पहले स्वीकृत हुए काम, तो अब तक टेंडर क्यों नहीं हुए
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बरेली। नगर निगम के जिम्मेदार विकास कार्यों की अनदेखी कर रहे हैं। आलम यह है कि जिन कार्यों की स्वीकृति छह माह पहले हुई थी, अब तक उनके टेंडर नहीं हो सके। शुक्रवार को निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान महापौर इस पर बिफर पड़े। उन्होंने कहा कि निर्माण विभाग की वजह से शासन की छवि धूमिल हो रही है। सोमवार तक हर हाल में टेंडर करा लें। अगली बैठक में अगर लापरवाही सामने आई तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महापौर उमेश गौतम ने निर्माण विभाग के अधिकारियों से अधूरे कामों की सूची मांगी तो पता चला कि जो काम स्वीकृत हो चुके हैं, लापरवाही की वजह से उनके टेंडर ही नहीं हो सके। जिनके टेंडर हो चुके हैं, उनका काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि लंबित फाइलों को जल्द पूरा करें। बैठक में मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, एक्सईएन दिलीप कुमार शुक्ला, राजीव कुमार राठी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनता के सामने अच्छी छवि बनाएं
महापौर ने कहा कि कई अफसरों को तो यह भी नहीं पता कि कौन से काम कहां पर हो रहे हैं। फाइल कहां अटकी है। उन्होंने अफसरों से शहर के सभी 80 वार्डों में घूमने और टूटी हुई सड़कों की स्थिति देखने के निर्देश दिए हैं। जहां काम नहीं हुआ है, वहां की फाइलें बनाकर जल्द काम शुरू कराने और जनता के बीच अच्छी छवि बनाने के लिए कहा है।
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अफसर नहीं करें हस्ताक्षर तो फाइल पर लिख दें उनका नाम
जेई ने तर्क दिया कि लिपिक को फाइल बनाकर दे दी जाती है। इसके बाद अफसरों के हस्ताक्षर तक इंतजार करना पड़ता है। इस पर महापौर ने कहा कि जेई किसी को भी कोई फाइल नहीं देंगे। खुद हर अधिकारी के हस्ताक्षर कराएंगे। कोई अधिकारी हस्ताक्षर नहीं करें तो उसी फाइल पर लिख दें कि किस अधिकारी ने हस्ताक्षर क्यों नहीं किए? इसके बाद मुख्य अभियंता, नगर आयुक्त या उनसे संपर्क करें। कोई भी फाइल एक या दो दिन से अधिक नहीं रुकनी चाहिए। इसके लिए सीधे तौर पर जेई जिम्मेदार होंगे। महापौर ने स्वीकृत 77 नए कामों की सूची सौंपकर कहा कि इनके टेंडर जल्द कराएं। संवाद
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महापौर उमेश गौतम ने निर्माण विभाग के अधिकारियों से अधूरे कामों की सूची मांगी तो पता चला कि जो काम स्वीकृत हो चुके हैं, लापरवाही की वजह से उनके टेंडर ही नहीं हो सके। जिनके टेंडर हो चुके हैं, उनका काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि लंबित फाइलों को जल्द पूरा करें। बैठक में मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, एक्सईएन दिलीप कुमार शुक्ला, राजीव कुमार राठी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जनता के सामने अच्छी छवि बनाएं
महापौर ने कहा कि कई अफसरों को तो यह भी नहीं पता कि कौन से काम कहां पर हो रहे हैं। फाइल कहां अटकी है। उन्होंने अफसरों से शहर के सभी 80 वार्डों में घूमने और टूटी हुई सड़कों की स्थिति देखने के निर्देश दिए हैं। जहां काम नहीं हुआ है, वहां की फाइलें बनाकर जल्द काम शुरू कराने और जनता के बीच अच्छी छवि बनाने के लिए कहा है।
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अफसर नहीं करें हस्ताक्षर तो फाइल पर लिख दें उनका नाम
जेई ने तर्क दिया कि लिपिक को फाइल बनाकर दे दी जाती है। इसके बाद अफसरों के हस्ताक्षर तक इंतजार करना पड़ता है। इस पर महापौर ने कहा कि जेई किसी को भी कोई फाइल नहीं देंगे। खुद हर अधिकारी के हस्ताक्षर कराएंगे। कोई अधिकारी हस्ताक्षर नहीं करें तो उसी फाइल पर लिख दें कि किस अधिकारी ने हस्ताक्षर क्यों नहीं किए? इसके बाद मुख्य अभियंता, नगर आयुक्त या उनसे संपर्क करें। कोई भी फाइल एक या दो दिन से अधिक नहीं रुकनी चाहिए। इसके लिए सीधे तौर पर जेई जिम्मेदार होंगे। महापौर ने स्वीकृत 77 नए कामों की सूची सौंपकर कहा कि इनके टेंडर जल्द कराएं। संवाद