{"_id":"65f151d4adf659f473010f6a","slug":"if-not-santosh-gangwar-then-who-bjp-will-surprise-by-betting-on-a-new-face-from-bareilly-lok-sabha-seat-2024-03-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: संतोष नहीं तो फिर कौन? इस लोकसभा सीट से नए चेहरे पर दांव खेलकर चौंका सकती है भाजपा; असमंजस बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: संतोष नहीं तो फिर कौन? इस लोकसभा सीट से नए चेहरे पर दांव खेलकर चौंका सकती है भाजपा; असमंजस बरकरार
Wed, 13 Mar 2024 01:16 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 13 Mar 2024 01:16 PM IST
सार
भाजपा की पहली लिस्ट में बरेली सीट से मौजूदा सांसद संतोष गंगवार के नाम का एलान नहीं हुआ। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनका टिकट कट सकता है। ऐसे में पार्टी नए चेहरे पर दांव लगा सकती है।
विज्ञापन
Santosh Gangwar
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के चयन को लेकर अंदरखाने मंथन चल रहा है। मौजूदा सांसद संतोष गंगवार का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है पर किसी वजह से टिकट कटा तो पार्टी किसी नए चेहरे पर ही दांव लगाएगी। शहर से जुड़े एक प्रभावशाली शख्स का नाम टिकट को लेकर काफी चर्चा में है।
आठ बार सांसद चुने गए संतोष गंगवार इस बार भी भाजपा से टिकट के प्रमुख दावेदार हैं लेकिन नाम की घोषणा नहीं होने की वजह से असमंजस बना हुआ है। राजनीति के जानकार लोग मौजूदा सांसद की उम्र को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस तरह की पोस्ट आ रही हैं कि अनुभवी लोगों को संरक्षक की भूमिका में आना चाहिए और नए लोगों को मौका मिलना चाहिए। वहीं, सांसद के समर्थक उनके अनुभव और कार्यशैली को लेकर आश्वस्त हैं कि टिकट उन्हीं को मिलेगा।
विज्ञापन
इस बीच महापौर से लेकर जिले के एक पूर्व राज्यमंत्री समेत कई नामों की चर्चा जोरों पर है। इनमें से किसी नेता ने खुलकर दावेदारी के बारे में कुछ नहीं कहा है लेकिन उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर माहौल बना रखा है।
विज्ञापन
आठ बार सांसद चुने गए संतोष गंगवार इस बार भी भाजपा से टिकट के प्रमुख दावेदार हैं लेकिन नाम की घोषणा नहीं होने की वजह से असमंजस बना हुआ है। राजनीति के जानकार लोग मौजूदा सांसद की उम्र को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर भी इस तरह की पोस्ट आ रही हैं कि अनुभवी लोगों को संरक्षक की भूमिका में आना चाहिए और नए लोगों को मौका मिलना चाहिए। वहीं, सांसद के समर्थक उनके अनुभव और कार्यशैली को लेकर आश्वस्त हैं कि टिकट उन्हीं को मिलेगा।
विज्ञापन
इस बीच महापौर से लेकर जिले के एक पूर्व राज्यमंत्री समेत कई नामों की चर्चा जोरों पर है। इनमें से किसी नेता ने खुलकर दावेदारी के बारे में कुछ नहीं कहा है लेकिन उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर माहौल बना रखा है।
सूत्रों का कहना है कि बदायूं व पीलीभीत सीट का पेच सुलझने के साथ ही बरेली का टिकट भी फाइनल हो जाएगा। अगर संतोष गंगवार का टिकट नहीं हुआ तो पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी।
राम मंदिर निर्माण के बाद माहौल पक्ष में होने और चुनाव मोदी-योगी के चेहरे पर होने का तर्क भी पार्टी के लोग दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि पार्टी जिसे भी टिकट देगी, जनता उसी को जिता देगी।