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Bareilly News: सबूत न मिले तो दो आरोपियों के नाम हटाए, एक ने किया सरेंडर
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बरेली। पीलीभीत बाइपास गोलीकांड में साक्ष्य न मिलने पर दो आरोपियों के नाम केस से हटाए गए हैं। एक आरोपी ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इनामी होटल मालिक समेत आठ आरोपियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
गोलीकांड के पहले दिन इज्जतनगर पुलिस ने राजीव राना समेत 11 नामजद व अन्य अज्ञात हमलावरों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना में 41 और लोगों के नाम प्रकाश में आए। इनमें से कई ने खुद का घटना से कोई जुड़ाव न होने का हवाला देकर कोर्ट व अफसरों के यहां शिकायतें की थीं। पुलिस की जांच में दो की नामजदगी गलत पाई गई।
सीबीगंज थाने के अटरिया गांव निवासी रितिक अवस्थी का नाम केस से निकाला गया है। फायरिंग में नामजद आरोपी सुभाष लोधी ने पूछताछ में उसका नाम लिया था। जब जांच की गई तो रितिक की न तो मौके पर लोकेशन मिली, न ही लंबे समय से सुभाष लोधी से उसका कोई संपर्क पाया गया। इसलिए उसका नाम निकाल दिया गया।
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जेसीबी मालिक का भी नहीं मिला जुड़ाव
प्लॉट पर कब्जे के दौरान जेसीबी में आग लगा दी गई थी। पुलिस ने जेसीबी मालिक बिथरी के सिमरा गांव निवासी अवधेश पटेल का नाम भी केस में बढ़ाया था। अवधेश ने खुद को बेकसूर बताकर डीजीपी समेत कई अफसरों से शिकायत की। जांच में पता लगा कि अवधेश पटेल के पास कई जेसीबी हैं। एक महीने पहले उसने अपनी जेसीबी किराये पर श्याम फौजी को दी थी। श्याम फौजी इसे ड्राइवर लल्ला यादव से चलवाता था। घटनास्थल पर अवधेश की मौजूदगी नहीं पाई गई। न ही आरोपियों से उसका कोई कनेक्शन मिला। तब अवधेश का नाम निकालकर श्याम फौजी व लल्ला पर ही आरोप तय किया गया।
इनके गैरजमानती वारंट जारी
मुख्य मुकदमे में नामजद व प्रकाश में आए लगभग सभी आरोपियों की जमानत हो चुकी है। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि नौ आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। इनमें 25 हजार का इनामी होटल मालिक चांद मोहम्मद, शहनवाज, शिवम माथुर, नाहिद, श्याम फौजी, लल्ला यादव, सचिन मौर्य शामिल हैं। इनके न मिलने पर कुर्की की जाएगी। वहीं इरफान, बिलाल घोसी, पंकज यादव सरेंडर कर चुके हैं। मुड़िया निवासी सुनील यादव ने बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
पूर्व विधायक और सपा पार्षद की भूमिका पर तफ्तीश जारी
गोलीकांड में दूसरे पक्ष ने भाजपा के पूर्व विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल को नामजद कराया था। हालांकि, पप्पू भरतौल उस वक्त मथुरा में थे। उन्होंने अधिकारियों से लेकर हाईकोर्ट तक संबंधित साक्ष्य दिए। बावजूद, अभी उनका नाम केस में शामिल है। पिछले दिनों पुलिस ने उनका वारंट लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया था, पर वह नहीं मिल सका। इधर, सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना का नाम विवेचना के दौरान शामिल किया गया है। एसपी सिटी इस मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं गौरव ने हाईकोर्ट में अर्जी देकर फौरी कार्रवाई से राहत ले ली है।
अब आदित्य उपाध्याय पर होगी कार्रवाई
गोलीकांड मामले में राना पक्ष पर अधिकतम कार्रवाई हो चुकी है, पर अभी तक आदित्य उपाध्याय पक्ष कार्रवाई से दूर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब इसी स्तर की कार्रवाई आदित्य पक्ष पर होनी है। उसके लिए भी डाटा तैयार किया जा रहा है। जल्दी ही उन पर गैंगस्टर की कार्रवाई होने वाली है।
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राजीव राना गिरोह पर गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना के साथ ही गिरोह के सदस्यों की संपत्ति की भी जांच की जाएगी। अगर अवैध कमाई से संपत्ति बनाने के प्रमाण मिले तो प्रशासन की मदद से उसे जब्त कराया जाएगा। - मानुष पारीक, एसपी सिटी
अमर उजाला ब्यूरो
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गोलीकांड के पहले दिन इज्जतनगर पुलिस ने राजीव राना समेत 11 नामजद व अन्य अज्ञात हमलावरों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना में 41 और लोगों के नाम प्रकाश में आए। इनमें से कई ने खुद का घटना से कोई जुड़ाव न होने का हवाला देकर कोर्ट व अफसरों के यहां शिकायतें की थीं। पुलिस की जांच में दो की नामजदगी गलत पाई गई।
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सीबीगंज थाने के अटरिया गांव निवासी रितिक अवस्थी का नाम केस से निकाला गया है। फायरिंग में नामजद आरोपी सुभाष लोधी ने पूछताछ में उसका नाम लिया था। जब जांच की गई तो रितिक की न तो मौके पर लोकेशन मिली, न ही लंबे समय से सुभाष लोधी से उसका कोई संपर्क पाया गया। इसलिए उसका नाम निकाल दिया गया।
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जेसीबी मालिक का भी नहीं मिला जुड़ाव
प्लॉट पर कब्जे के दौरान जेसीबी में आग लगा दी गई थी। पुलिस ने जेसीबी मालिक बिथरी के सिमरा गांव निवासी अवधेश पटेल का नाम भी केस में बढ़ाया था। अवधेश ने खुद को बेकसूर बताकर डीजीपी समेत कई अफसरों से शिकायत की। जांच में पता लगा कि अवधेश पटेल के पास कई जेसीबी हैं। एक महीने पहले उसने अपनी जेसीबी किराये पर श्याम फौजी को दी थी। श्याम फौजी इसे ड्राइवर लल्ला यादव से चलवाता था। घटनास्थल पर अवधेश की मौजूदगी नहीं पाई गई। न ही आरोपियों से उसका कोई कनेक्शन मिला। तब अवधेश का नाम निकालकर श्याम फौजी व लल्ला पर ही आरोप तय किया गया।
इनके गैरजमानती वारंट जारी
मुख्य मुकदमे में नामजद व प्रकाश में आए लगभग सभी आरोपियों की जमानत हो चुकी है। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि नौ आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। इनमें 25 हजार का इनामी होटल मालिक चांद मोहम्मद, शहनवाज, शिवम माथुर, नाहिद, श्याम फौजी, लल्ला यादव, सचिन मौर्य शामिल हैं। इनके न मिलने पर कुर्की की जाएगी। वहीं इरफान, बिलाल घोसी, पंकज यादव सरेंडर कर चुके हैं। मुड़िया निवासी सुनील यादव ने बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
पूर्व विधायक और सपा पार्षद की भूमिका पर तफ्तीश जारी
गोलीकांड में दूसरे पक्ष ने भाजपा के पूर्व विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल को नामजद कराया था। हालांकि, पप्पू भरतौल उस वक्त मथुरा में थे। उन्होंने अधिकारियों से लेकर हाईकोर्ट तक संबंधित साक्ष्य दिए। बावजूद, अभी उनका नाम केस में शामिल है। पिछले दिनों पुलिस ने उनका वारंट लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया था, पर वह नहीं मिल सका। इधर, सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना का नाम विवेचना के दौरान शामिल किया गया है। एसपी सिटी इस मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं गौरव ने हाईकोर्ट में अर्जी देकर फौरी कार्रवाई से राहत ले ली है।
अब आदित्य उपाध्याय पर होगी कार्रवाई
गोलीकांड मामले में राना पक्ष पर अधिकतम कार्रवाई हो चुकी है, पर अभी तक आदित्य उपाध्याय पक्ष कार्रवाई से दूर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब इसी स्तर की कार्रवाई आदित्य पक्ष पर होनी है। उसके लिए भी डाटा तैयार किया जा रहा है। जल्दी ही उन पर गैंगस्टर की कार्रवाई होने वाली है।
राजीव राना गिरोह पर गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना के साथ ही गिरोह के सदस्यों की संपत्ति की भी जांच की जाएगी। अगर अवैध कमाई से संपत्ति बनाने के प्रमाण मिले तो प्रशासन की मदद से उसे जब्त कराया जाएगा। - मानुष पारीक, एसपी सिटी
अमर उजाला ब्यूरो