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Bareilly News: ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल पर पहचान का संकट, विद्यार्थियों और कॉलेजों का सत्यापन फंसा
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में नए शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया में एक अजीबोगरीब समस्या सामने आई है। जिस समर्थ पोर्टल को ऑनलाइन आवेदन को आसान बनाना था, वही अब भ्रम का कारण बन गया है। आलम यह है कि पोर्टल से प्रिंट हो रहे आवेदन फॉर्म पर यह साफ-साफ लिखा ही नहीं आ रहा कि विद्यार्थी ने स्नातक के लिए आवेदन किया है या परास्नातक के लिए।
इस 'पहचान संकट' ने बरेली कॉलेज सहित विश्वविद्यालय से संबद्ध अन्य महाविद्यालयों में दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को बाधित कर दिया है। कॉलेजों के अधिकारियों का कहना है कि 30 जून के बाद से भी फॉर्म लगातार आ रहे हैं, लेकिन उनकी जांच करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
बिना यह जाने कि फॉर्म किस कोर्स के लिए है, दस्तावेजों का मिलान करना असंभव हो गया है। इस गड़बड़ी ने फर्जी आवेदनों की आशंका भी बढ़ा दी है, जिससे कॉलेज प्रशासन चिंतित है। वह समय रहते ऐसे फॉर्मों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
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तकनीकी खामी को लेकर महाविद्यालयों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जानकारी देकर जल्द समाधान की मांग की है। अगर यह समस्या तत्काल ठीक नहीं होती, तो न केवल सत्यापन प्रक्रिया में देरी होगी, बल्कि मेरिट सूची जारी करने में भी समय लग सकता है। संवाद
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इस 'पहचान संकट' ने बरेली कॉलेज सहित विश्वविद्यालय से संबद्ध अन्य महाविद्यालयों में दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को बाधित कर दिया है। कॉलेजों के अधिकारियों का कहना है कि 30 जून के बाद से भी फॉर्म लगातार आ रहे हैं, लेकिन उनकी जांच करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
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बिना यह जाने कि फॉर्म किस कोर्स के लिए है, दस्तावेजों का मिलान करना असंभव हो गया है। इस गड़बड़ी ने फर्जी आवेदनों की आशंका भी बढ़ा दी है, जिससे कॉलेज प्रशासन चिंतित है। वह समय रहते ऐसे फॉर्मों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
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तकनीकी खामी को लेकर महाविद्यालयों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जानकारी देकर जल्द समाधान की मांग की है। अगर यह समस्या तत्काल ठीक नहीं होती, तो न केवल सत्यापन प्रक्रिया में देरी होगी, बल्कि मेरिट सूची जारी करने में भी समय लग सकता है। संवाद