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कम पानी वाली फसलें लगाने पर रहा जोर
बरेली
Updated Thu, 21 Jan 2016 01:07 AM IST
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कृषि मंडी नरियावल में हुई कृषक गोष्ठी एवं कृषि यंत्र वितरण कार्यक्रम में 100 से ज्यादा किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र बांटे गए। इसमें 21 किसानों को लेजर लेवलर, 53 किसानों को रोटावेटर, 27 किसानों को मल्टीक्रॉप थ्रेसर और तमाम किसानों को हैरो, पम्पसेट आदि कृषि यंत्र अनुदान पर दिए गए। लेजर लेवलर पर किसानों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक, रोटावेटर पर 35 हजार रुपये तक और मल्टीक्रॉप थ्रेसर पर 40 हजार रुपये तक, हैरो पर 15 हजार रुपये और पम्पसेट पर 10 हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान है। अनुदान राशि किसान के खाते में भेजी गई।
किसान गोष्ठी की शुरुआत प्रभारी जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने कहा कि किसान के साथ विविधीकरण कर किसान अपनी आय के स्रोत आसानी से बढ़ा सकते हैं। खेती के साथ-साथ उद्यानीकरण, मत्स्य, मुर्गीपालन, डेयरी उद्योग, फूड प्रोसेसिंग के काम सुगमता से ही किए जा सकते हैं और इनसे अच्छी आय होती है। गोष्ठी में किसानों को फसलों के रोग नियंत्रण, अच्छी किस्म के बीजो, जैविक खेती आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। गोष्ठी में किसानों ने सवाल भी पूछे, जिनका वैज्ञानिकों ने समाधान किया।
डॉप्स के जिला समन्वयक जितेंद्र सिंह ने बताया कि शासन की ओर से ज्यादा पानी वाली फसलों की जगह पर कम पानी वाली फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। धान के स्थान पर उड़द और एग्रो फॉरेस्टो को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए उड़द के क्लास्टर में खेती करने पर छह हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान और यूकेलिप्टस के क्लस्टर पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के अनुदान का प्रावधान है। किसान मेले में तमाम तरह के कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी किसानों के खरीदने के लिए लगाई गई।
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किसान गोष्ठी की शुरुआत प्रभारी जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने कहा कि किसान के साथ विविधीकरण कर किसान अपनी आय के स्रोत आसानी से बढ़ा सकते हैं। खेती के साथ-साथ उद्यानीकरण, मत्स्य, मुर्गीपालन, डेयरी उद्योग, फूड प्रोसेसिंग के काम सुगमता से ही किए जा सकते हैं और इनसे अच्छी आय होती है। गोष्ठी में किसानों को फसलों के रोग नियंत्रण, अच्छी किस्म के बीजो, जैविक खेती आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। गोष्ठी में किसानों ने सवाल भी पूछे, जिनका वैज्ञानिकों ने समाधान किया।
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डॉप्स के जिला समन्वयक जितेंद्र सिंह ने बताया कि शासन की ओर से ज्यादा पानी वाली फसलों की जगह पर कम पानी वाली फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। धान के स्थान पर उड़द और एग्रो फॉरेस्टो को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए उड़द के क्लास्टर में खेती करने पर छह हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान और यूकेलिप्टस के क्लस्टर पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के अनुदान का प्रावधान है। किसान मेले में तमाम तरह के कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी किसानों के खरीदने के लिए लगाई गई।
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