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सुरक्षा कवच बनी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्ववीन
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बरेली। सैकड़ों लोगों की जिंदगी निगल चुके कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल के संबंध में आईसीएमआर ने आखिरकार गाइड लाइन जारी कर ही दी। देर आयद दुरुस्त आयद जैसी स्थिति करार देते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि यह दवा कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस वालों को काफी हद तक कोरोना से महफूज रख सकती है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजीव गोयल के मुताबिक, आईसीएमआर की नई गाइडलाइन में सभी कोरोना योद्धा जो कन्टेनमेंट जोन में तैनात हैं, उन्हें एचसीक्यू यानी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन खिलाने को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने एक संशोधित परामर्श जारी कर गैर कोविड-19 अस्पतालों में काम कर रहे बिना लक्षण वाले स्वास्थ्यसेवा कर्मियों, कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और कोरोना संक्रमण को रोकने संबंधी गतिविधियों में शामिल अर्द्धसैन्य बलों, पुलिसकर्मियों, लैब में काम करने वाले कर्मियों को रोग निरोधक दवा के तौर पर एचसीक्यू के इस्तेमाल की सिफारिश की है। हालांकि, डॉक्टर से परामर्श के बाद ही इस दवा का सेवन करना बेहतर रहेगा।
डॉ. गोयल ने बताया कि आईसीएमआर के संशोधित परामर्श के अनुसार एनआईवी पुणे में हुई जांच में पाया गया कि एचसीक्यू से संक्रमण की दर कम होती है यानी दवा खाने का मतलब यह नहीं है कि कोई इसके बाद पूरी तरह सुरक्षित है। इसका अर्थ सिर्फ यह है कि दवा का सेवन करने से संक्रमण का असर कम हो सकता है। लिहाजा वायरल लोड ज्यादा होने पर दवा खाने के बावजूद संक्रमण घातक हो सकता है। इसी कारण गाइडलाइन में साफ तौर पर आगाह किया गया है कि दवा लेने वाले को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह सुरक्षित हो गया है।
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‘हाइड्रोक्सोक्लोरीन का इस्तेमाल करने के बारे में जारी संशोधित गाइडलाइन से संबंधित शासनादेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। अगर शासनादेश जारी होगा तो उसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।’
- डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ
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वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजीव गोयल के मुताबिक, आईसीएमआर की नई गाइडलाइन में सभी कोरोना योद्धा जो कन्टेनमेंट जोन में तैनात हैं, उन्हें एचसीक्यू यानी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन खिलाने को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने एक संशोधित परामर्श जारी कर गैर कोविड-19 अस्पतालों में काम कर रहे बिना लक्षण वाले स्वास्थ्यसेवा कर्मियों, कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और कोरोना संक्रमण को रोकने संबंधी गतिविधियों में शामिल अर्द्धसैन्य बलों, पुलिसकर्मियों, लैब में काम करने वाले कर्मियों को रोग निरोधक दवा के तौर पर एचसीक्यू के इस्तेमाल की सिफारिश की है। हालांकि, डॉक्टर से परामर्श के बाद ही इस दवा का सेवन करना बेहतर रहेगा।
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डॉ. गोयल ने बताया कि आईसीएमआर के संशोधित परामर्श के अनुसार एनआईवी पुणे में हुई जांच में पाया गया कि एचसीक्यू से संक्रमण की दर कम होती है यानी दवा खाने का मतलब यह नहीं है कि कोई इसके बाद पूरी तरह सुरक्षित है। इसका अर्थ सिर्फ यह है कि दवा का सेवन करने से संक्रमण का असर कम हो सकता है। लिहाजा वायरल लोड ज्यादा होने पर दवा खाने के बावजूद संक्रमण घातक हो सकता है। इसी कारण गाइडलाइन में साफ तौर पर आगाह किया गया है कि दवा लेने वाले को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह सुरक्षित हो गया है।
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‘हाइड्रोक्सोक्लोरीन का इस्तेमाल करने के बारे में जारी संशोधित गाइडलाइन से संबंधित शासनादेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। अगर शासनादेश जारी होगा तो उसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।’
- डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ