UP: मानवाधिकार आयोग को नहीं भेजी जांच रिपोर्ट, बरेली के डीएम तलब, पेश न होने पर वारंट जारी करने की चेतावनी
राज्य मानवाधिकार आयोग ने डीएम बरेली को समन जारी कर तलब किया है। जिसमें 20 जनवरी को डीएम को खुद या अपने प्रतिनिधि की व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए आदेश किया गया है।
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बरेली में आम के बाग में गंदा पानी जाने की शिकायत की जांच कर रिपोर्ट नहीं देने के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने डीएम बरेली को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश किया है। 20 जनवरी को पेश नहीं होने पर वारंट जारी करने की चेतावनी भी आयोग ने दी है।
आयोग के सदस्य बृज भूषण के आदेश के मुताबिक ओम प्रकाश शर्मा के प्रार्थना पत्र की सुनवाई में डीएम को 14 अगस्त को पूरे मामले की जांच करा रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। इसमें शिकायतकर्ता को भी शामिल करने के निर्देश थे। रिपोर्ट नहीं मिलने पर दोबारा तीन अक्तूबर को आदेश कर 11 नवंबर तक रिपोर्ट देने के लिए कहा गया। 11 नवंबर को आदेश कर आयोग ने विलंब का स्पष्टीकरण मांगते हुए जांच रिपोर्ट 19 दिसंबर को देने के लिए कहा।
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आयोग ने जताई नाराजगी
डीएम द्वारा आयोग के आदेश का अनुपालन नहीं करने पर अब सदस्य ने नाराजगी व्यक्त की है। इसे आपत्तिजनक बताते हुए आयोग के आदेश की अवहेलना मानते हुए आदेश में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि डीएम बरेली आयोग के आदेशों का अनुपालन करना उचित नहीं समझते हैं।
आयोग ने अब डीएम को समन जारी कर 20 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे खुद या अपने प्रतिनिधि की व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए आदेश किया है। आदेश में कहा गया है कि ऐसा नहीं होने पर दीवानी प्रक्रिया संहिता में वारंट जारी करने पर आयोग विचार करेगा। मंडलायुक्त बरेली को भी आदेश का अनुपालन कराने का निर्देश आयोग ने दिया है।
यह है प्रकरण
प्रार्थना पत्र में ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि भोजीपुरा के मजरा पिपरिया के पश्चिम में उसका आम का बाग है। इसमें गांव का गंदा पानी बहता है, जिससे कई पेड़ सूख चुके हैं। उन्होंने इसे बंद कराने और एसडीएम स्तर से जांच करा पक्की नाली बनवाने की मांग की।