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Bareilly News: मिलते कैसे...करोड़पति तस्करों ने बड़े शहरों में बना लिए आशियाने

Wed, 12 Mar 2025 02:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 12 Mar 2025 02:34 AM IST
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How to get it...millionaire smugglers have built homes in big cities
बरेली। बेहद कमजोर इनपुट के सहारे दूसरे प्रदेश में घुसे रुद्रपुर के कप्तान मणिकांत मिश्रा ने अपने साथ ही उत्तराखंड शासन की भी फजीहत करा ली। वह जिन बड़े तस्करों की तलाश में फौज-फाटा लेकर यहां आए थे, वे करोड़पति होने के बाद दूसरे राज्यों और बड़े शहरों में शिफ्ट हो गए हैं। सटीक मुखबिरी के बिना मादक पदार्थों की बरामदगी संभव नहीं है।
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पिछले वर्षों में बरेली में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई से परेशान होकर कई स्मैक तस्करों ने उत्तराखंड में ही ठिकाना बना लिया है। वहां नशीले पदार्थों की खपत भी ज्यादा है। इनमें रिफाकत बड़ा नाम है, जिसे दो जनवरी को रुद्रपुर पुलिस ने गोली मारकर गिरफ्तार किया था। उसकी पत्नी रेशमा उत्तराखंड के काशीपुर की निवासी थी। ऐसे में रिफाकत ने वहीं आशियाना बना लिया है। रिफाकत के परिवार के इशाकत, शराफत हुसैन व कस्बे के एक बड़े तस्कर का भांजा मोनिस अंसारी भी उत्तराखंड में घर बनाकर रहते हैं।
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बरेली में रहते हैं उस्मान और कल्लू डॉन
फतेहगंज पश्चिमी का चर्चित तस्कर उस्मान बरेली में आलीशान घर बनाकर रहता है। कल्लू डॉन की पत्नी इमराना बेगम अब नगर पंचायत की अध्यक्ष हैं। इमराना के अलावा कल्लू भी बरेली में रहता है। सूत्र बताते हैं कि बेहद खास लोगों के जरिये कल्लू आज भी स्मैक तस्करी से जुड़ा है और गुर्गों से काम कराता है। तस्कर इरशाद हुसैन व अशरफ भी फतेहगंज का घर छोड़कर कुरतरा में रह रहे हैं। कस्बे के कुछ तस्करों ने दिल्ली, कुछ ने उत्तराखंड के अन्य शहरों में रहना शुरू किया है।
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उत्तराखंड पुलिस ने नंबर बढ़ाने पर दिया ज्यादा जोर

सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड पुलिस ड्रग पैडलर पिता-पुत्र को पकड़ने फतेहगंज कस्बे में आई थी। टीम ने फिल्मी स्टाइल अपनाया और नंबर बढ़ाने के लिए बड़ी कार्रवाई का दिखावा किया। ड्रग पैडलर पिता-पुत्र एक तस्कर के रिश्तेदार हैं। इनमें से एक वर्ष 2022 में उत्तराखंड जेल से छूटकर आया है। उत्तराखंड पुलिस उनके घर गई, लेकिन शायद सूचना लीक होने से पिता-पुत्र पहले ही कूदकर भाग गए। उत्तराखंड पुलिस यदि स्थानीय पुलिस से इनपुट शेयर करती तो दोनों को आसानी से पकड़ा जा सकता था।
थाने में खंगाला आपराधिक इतिहास तो फुस्स हुआ मामला
पकड़े गए लोगों को पुलभट्टा थाने ले जाकर उत्तराखंड पुलिस ने सॉफ्टवेयर के जरिये उनका आपराधिक इतिहास खंगाला तो शून्य मिला। तब पूरा मामला फुस्स हो गया। अधिकारियों ने किरकिरी से बचने के लिए रात में ही निर्दोष लोगों को थाने से छोड़ दिया। हालांकि, पुलिस अधिकारी इनपुट मिलने और भविष्य में कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। जब पकड़े गए लोग निर्दोष थे तो पुलिस को उनसे इनपुट कैसे मिला, ये भी सवाल उठ रहा है।

तस्करों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है बरेली पुलिस : एसएसपी

जिस भी प्रदेश या जिले की पुलिस को जिले में दबिश देनी होती है, सूचना देने पर बरेली पुलिस मदद करती है। बरेली पुलिस स्मैक तस्करों व अपराधियों पर कार्रवाई के लिए कटिबद्ध है। - अनुराग आर्य, एसएसपी
ब्यूरो
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