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अब स्मैक तस्कर इस्लाम के मकान व शोरूम पर गरजी जेसीबी, किया जमींदोज
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नकटिया चौकी के सामने स्मैक तस्कर इस्लाम का शोरूम बीडीए और पुलिस ने ढहाया।
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बरेली। स्मैक तस्करी से करोड़ों की कमाई करने वाले तस्करों के खिलाफ अभियान जारी है। मंगलवार को बीडीए की टीम ने फरीदपुर के स्मैक तस्कर इस्लाम के आलीशान घर और टायर शोरूम को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस मौजूद रही।
फरीदपुर के गांव बेहरा निवासी स्मैक तस्कर इस्लाम ने अवैध कमाई से कैंट के उमरिया गांव में आलीशान घर बनवाया था। जांच पड़ताल में पुलिस को पता चला कि इस्लाम ने नकटिया पुलिस चौकी के सामने टायर शोरूम भी खोला है। शोरूम इस्लाम के लड़के नौमान और रेहान के नाम है। इसमें नीचे के हिस्से में टायरों का शोरूम था, जबकि ऊपर जिम चलता था। बीडीए ने जांच पड़ताल में घर और शोरूम का निर्माण अवैध पाया।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे बीडीए की टीम जेसीबी लेकर वहां पहुंच गई। मौके पर पुलिस भी बुला ली गई। इसके बाद करीब एक घंटे तक शोरूम पर जेसीबी चलती रही। जेसीबी ने शोरूम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। हालांकि शोरूम को पहले ही खाली कर दिया गया था। इसमें करीब 70-80 टायर, एलाइनमेंट मशीनें आदि सामान था, जो मलबे में दब गया। 12 बजे तक टीम ने शोरूम की दीवारों को पूरी तरह ढहा दिया था।
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इसके बाद बीडीए की टीम उमरिया गांव गई। कैंट से उमरिया के मुख्य रोड पर करीब 500 मीटर आगे इस्लाम ने करीब 200 वर्ग गज जमीन पर आलीशान घर बनवाया था। यह मकान उसकी पत्नी शाहिदा के नाम है। बीडीए की टीम पुलिस के साथ तीन जेसीबी लेकर उमरिया पहुंची। यहां करीब एक बजे इस्लाम के दो मंजिला मकान पर जेसीबी चलनी शुरू हुई। मकान को ढहाने में जेसीबी चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शाम करीब छह बजे मकान को गिराया जा सका। इस्लाम पर फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी थाने में पांच-पांच मुकदमे दर्ज हैं। स्मैक तस्करी के मामले में वह जून से जिला कारागार में बंद है।
दोमंजिला मकान तोड़ने के लिए मंगवानी पड़ी बड़ी क्रेन
उमरिया गांव में इस्लाम का दो मंजिला मकान तोड़ने के लिए एक बजे तीन जेसीबी लगाई गईं। मकान इतना मजबूत बना था कि करीब एक घंटे तक तोड़फोड़ के बाद भी तीनों जेसीबी मकान का केवल बाहरी छज्जा ही गिरा पाईं। दोपहर करीब एक बजे खाली पड़े प्लॉट की तरफ से जेसीबी लगाकर मकान को तोड़ना शुरू किया गया। करीब दो बजे एक जेसीबी का टायर पंक्चर हो गया। वहीं मकान की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण बाकी दोनों जेसीबी दो मंजिला घर की छत तक नहीं पहुंच पा रहीं थीं, लिहाजा क्रेन मंगवाई गई। ढाई घंटे तक काम रुका रहा। शाम करीब साढ़े चार बजे क्रेन के आने के बाद मकान तोड़ना शुरू किया गया तो फिर एक जेसीबी के पहिये की हवा निकल गई। शाम करीब सात बजे तक मकान ढहाया जाता रहा। अंधेरा होने पर काम रोक दिया गया। अब बुधवार सुबह फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
मकान में थीं ऐशो-आराम की सारी चीजें
इस्लाम ने पत्नी के नाम से उमरिया में जो मकान बनवाया था, उसमें ऐशोआराम की सारी चीजें मौजूद थी। मकान की जब दीवारें टूटकर गिरीं तो अंदर रखा सामान दिखने लगा। यहां एसी भी लगा था। महंगे सोफे, पंखे, फ्रिज, अलमारी आदि सामान था। मलबे में दबकर ये सारा सामान टूट गया।
कई थानों की पुलिस बुलाई गई
मकान तोड़ने से पहले भारी संख्या में पुलिस बल उमरिया गांव बुला लिया गया था। दरअसल, बीडीए अफसरों को उमरिया गांव में कार्रवाई के दौरान विरोध होने का अंदेशा था। इसी को ध्यान में रखते हुए फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी, कैंट थानों के फोर्स के अलावा आरएएफ की दो प्लाटून, महिला पुलिस को भी मौके पर तैनात किया गया था। साथ ही पुलिस लाइन से भी फोर्स बुलवाया गया था। मकान गिराने के दौरान करीब सौ पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।
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फरीदपुर के गांव बेहरा निवासी स्मैक तस्कर इस्लाम ने अवैध कमाई से कैंट के उमरिया गांव में आलीशान घर बनवाया था। जांच पड़ताल में पुलिस को पता चला कि इस्लाम ने नकटिया पुलिस चौकी के सामने टायर शोरूम भी खोला है। शोरूम इस्लाम के लड़के नौमान और रेहान के नाम है। इसमें नीचे के हिस्से में टायरों का शोरूम था, जबकि ऊपर जिम चलता था। बीडीए ने जांच पड़ताल में घर और शोरूम का निर्माण अवैध पाया।
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मंगलवार सुबह करीब दस बजे बीडीए की टीम जेसीबी लेकर वहां पहुंच गई। मौके पर पुलिस भी बुला ली गई। इसके बाद करीब एक घंटे तक शोरूम पर जेसीबी चलती रही। जेसीबी ने शोरूम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। हालांकि शोरूम को पहले ही खाली कर दिया गया था। इसमें करीब 70-80 टायर, एलाइनमेंट मशीनें आदि सामान था, जो मलबे में दब गया। 12 बजे तक टीम ने शोरूम की दीवारों को पूरी तरह ढहा दिया था।
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इसके बाद बीडीए की टीम उमरिया गांव गई। कैंट से उमरिया के मुख्य रोड पर करीब 500 मीटर आगे इस्लाम ने करीब 200 वर्ग गज जमीन पर आलीशान घर बनवाया था। यह मकान उसकी पत्नी शाहिदा के नाम है। बीडीए की टीम पुलिस के साथ तीन जेसीबी लेकर उमरिया पहुंची। यहां करीब एक बजे इस्लाम के दो मंजिला मकान पर जेसीबी चलनी शुरू हुई। मकान को ढहाने में जेसीबी चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शाम करीब छह बजे मकान को गिराया जा सका। इस्लाम पर फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी थाने में पांच-पांच मुकदमे दर्ज हैं। स्मैक तस्करी के मामले में वह जून से जिला कारागार में बंद है।
दोमंजिला मकान तोड़ने के लिए मंगवानी पड़ी बड़ी क्रेन
उमरिया गांव में इस्लाम का दो मंजिला मकान तोड़ने के लिए एक बजे तीन जेसीबी लगाई गईं। मकान इतना मजबूत बना था कि करीब एक घंटे तक तोड़फोड़ के बाद भी तीनों जेसीबी मकान का केवल बाहरी छज्जा ही गिरा पाईं। दोपहर करीब एक बजे खाली पड़े प्लॉट की तरफ से जेसीबी लगाकर मकान को तोड़ना शुरू किया गया। करीब दो बजे एक जेसीबी का टायर पंक्चर हो गया। वहीं मकान की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण बाकी दोनों जेसीबी दो मंजिला घर की छत तक नहीं पहुंच पा रहीं थीं, लिहाजा क्रेन मंगवाई गई। ढाई घंटे तक काम रुका रहा। शाम करीब साढ़े चार बजे क्रेन के आने के बाद मकान तोड़ना शुरू किया गया तो फिर एक जेसीबी के पहिये की हवा निकल गई। शाम करीब सात बजे तक मकान ढहाया जाता रहा। अंधेरा होने पर काम रोक दिया गया। अब बुधवार सुबह फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
मकान में थीं ऐशो-आराम की सारी चीजें
इस्लाम ने पत्नी के नाम से उमरिया में जो मकान बनवाया था, उसमें ऐशोआराम की सारी चीजें मौजूद थी। मकान की जब दीवारें टूटकर गिरीं तो अंदर रखा सामान दिखने लगा। यहां एसी भी लगा था। महंगे सोफे, पंखे, फ्रिज, अलमारी आदि सामान था। मलबे में दबकर ये सारा सामान टूट गया।
कई थानों की पुलिस बुलाई गई
मकान तोड़ने से पहले भारी संख्या में पुलिस बल उमरिया गांव बुला लिया गया था। दरअसल, बीडीए अफसरों को उमरिया गांव में कार्रवाई के दौरान विरोध होने का अंदेशा था। इसी को ध्यान में रखते हुए फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी, कैंट थानों के फोर्स के अलावा आरएएफ की दो प्लाटून, महिला पुलिस को भी मौके पर तैनात किया गया था। साथ ही पुलिस लाइन से भी फोर्स बुलवाया गया था। मकान गिराने के दौरान करीब सौ पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।