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उमरिया कांड के आरोपी होटल मालिक की जिला जेल में मौत

Tue, 06 Oct 2020 02:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2020 02:03 AM IST
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Hotel owner accused of Umaria case dies in district jail
हसनैन कुरैशी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

10 दिन पहले घर से पकड़ा था पुलिस ने, पिटाई का आरोप
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पोस्टमार्टम में लीवर, किडनी निकले खराब, बीमारी से मौत की पुष्टि

बरेली। उमरिया में कांवड़ यात्रा को लेकर हुए बवाल के मुकदमे में आरोपी बनाए गए कैंट के ठिरिया निवासी होटल मालिक की जिला जेल में मौत हो गई। उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। होटल मालिक के परिजनों ने मारपीट का आरोप लगाया है। हालांकि पोस्टमार्टम में बीमारी से मौत होने की पुष्टि हुई है।
कैंट के ठिरिया निजावत खां निवासी हसनैन कुरैशी (40) परिवार और भाइयों के साथ जयपुर में होटल चलाते थे। वर्ष 2018 में उमरिया गांव में कावड़ियों और ताजियेदारों के बीच विवाद हुआ। मारपीट, पथराव होने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें एक पक्ष की ओर से हसनैन व उनके भाइयों के नामजद कराया गया था। जिसमें पुलिस चार्जशीट लगा चुकी है। कुछ आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे जबकि कुछ को पुलिस तलाश कर रही है।
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भाई बिलाल के मुताबिक 24 सितंबर को हसनैन घर में सो रहे थे। तभी कैंट पुलिस आई और उन्हें पकड़ लिया। पुलिस हसनैन को पीटते हुए थाने ले गई और अगले दिन जेल भेज दिया। बिलाल का कहना है कि पिटाई के दौरान हसनैन के किसी ऐसी जगह चोट लग गई जिसके कारण बाद में उनकी मौत हुई। उन्होंने भाई की मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही जेल में भी कोई साजिश होने की आशंका जताई। देर शाम हुए पोस्टमार्टम में हसनैन की मौत बीमारी से होना पाई गई। उनका वजन 100 किलो से ज्यादा था। उनके लीवर, किडनी आदि अंग खराब निकले।
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घटना के वक्त जयपुर में था भाई: बिलाल

हसनैन के भाई बिलाल ने बताया कि 2018 में जब ताजियों को लेकर विवाद हुआ था, उस वक्त हसनैन अपनी पत्नी रूबी और बच्चों के साथ जयपुर में थे। सभासद फुरखान का भी कहना है कि घटना के दौरान जो लोग मौके पर नहीं थे उन्हें भी मुकदमे में फंसा दिया गया। जबकि मुकदमे में शामिल लोग बेखौफ घूम रहे हैं। गलत नामजदगी कराने में पुलिस की भी भूमिका रही। हसनैन बेकसूर थे, कोरोना की वजह से जयपुर में काम ठप पड़ा था तो उन्हें पैतृक गांव आना पड़ा।

जेल में भर्ती हसनैन को शुरू में कोई समस्या नहीं लगी। दो दिन पहले यूरिन से संबंधित समस्या होने पर उनका जेल के अस्पताल में उपचार चल रहा था। सोमवार को हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। रास्ते में बंदी की मौत हो गई। - विजय विक्रम सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक

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