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आशा ज्योति को मिलेगी अब और शक्ति
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 03 Jul 2016 12:49 AM IST
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आशा ज्योति केंद्र (ऐजेके) अब और सशक्त होने जा रहा है। सभी जिलों के केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उनमें 12 नई सुविधाओं को शामिल जाएगा। केंद्र में एक शरणालय खोला जाना है जिसमें अल्प समय के लिए महिलाओं का आश्रय मिल सकेगा। इससे बड़ी राहत महिला थाना में रुकने वाली जिले भर की उन महिलाओं को मिलेगी जो मेडिकल व बयान के दौरान शरण के लिए वहां रखी जाती हैं। जिला प्रोवेशन अधिकारी ऊषा तिवारी ने बताया कि नए भवन में शिफ्ट होते ही कुल 57 कर्मचारियों के स्टाफ के साथ सभी सुविधाएं शुरू हो जाएंगी।
बच्चों और महिलाओं को मिलेगा आश्रय
केंद्र में शिकायत लेकर पहुंचने वाली निराश्रित महिलाओं के लिए पांच दिन के अल्पावास की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए वार्डन नियुक्त की जाएगी। जबकि इन पीड़ित महिलाओं के बच्चों के लिए क्रेच खोला जाएगा।
महिला समूह खोलेगा कैंटीन, बनेगी लाइब्रेरी
एजेके के अल्पावास में रहने वाले महिला और बच्चों व वहां के कर्मियों के लिए भोजन की व्यवस्था के लिए एक कैंटीन खोली जाएगी। कैंटीन खोलने के लिए महिलाओं द्वारा बनाए गए स्वयं सहायता समूह को मौका दिया जाएगा। डीपीआरओ ने बताया कि हर समूह को एक वर्ष के लिए कैंटीन चलाने का मौका मिलेगा। इसके अलावा लाइब्रेरी खोली जाएगी।
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ऐजेके को मिलेगी बैंक और लोकवाणी केंद्र की सुविधा
अगस्त में नए भवन में संभावित रूप से शिफ्ट होने वाले केंद्र को वहां एटीएम के साथ बैंक सुविधा दी जाएगी। डीपीओ ने बताया कि अगले माह बैंक अधिकारियों के साथ इस संबंध में एक बैठक होनी है। इसके अलावा केंद्र में लोकवाणी केंद्र व ई-सुविधा केंद्र खोलेगा।
यह हैं मुख्य सुविधाएं
नई गाइड लाइन के अनुसार, आशा ज्योति केंद्र घरेलू हिंसा, पारिवारिक कलह, विधवा विवाह, बाल विवाह, दहेज प्रकरण, शारीरिक शोषण व निराश्रित या भटकी हुई महिलाओं के प्रकरणों पर काम करेगा। इसके लिए केंद्र को मुख्य रुप से 12 सुविधाएं दी जाएगी। जिसमें महिला रिपोर्टिंग चौकी, 181 आशा ज्योति हेल्पलाइन सेल, चाइल्ड लाइन, मेडिकल सुविधा सेल, ट्रॉमा काउंसलिंग सेल, कानूनी सहायता केंद्र मुख्य हैं। डीपीआरओ ने बताया कि केंद्र में कुल 57 का स्टाफ होगा, जिसकी नियुक्ति जल्द ही कर दी जाएगी।
आशा ज्योति को मिलेगी ‘सखी’
आशा ज्योति केंद्र के पास ही केंद्र सरकार ‘सखी केंद्र’ खोलने जा रहा है। डीपीआरओ ने बताया कि अभी केंद्र सरकार ने इस विशेष केंद्र के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं भेजी है। यह केंद्र आशा ज्योति केंद्र के पास ही खोला जाना है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने तीन सौ वर्ग मीटर जमीन मांगी है। उन्होंने बताया कि पांच सौ वर्ग मीटर गज में बन रहे आशा ज्योति केंद्र के पास तीन सौ वर्ग गज जमीन के लिए डीएम की ओर से सीएमओ को 15 दिन पहले पत्र भेज दिया गया है।
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बच्चों और महिलाओं को मिलेगा आश्रय
केंद्र में शिकायत लेकर पहुंचने वाली निराश्रित महिलाओं के लिए पांच दिन के अल्पावास की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए वार्डन नियुक्त की जाएगी। जबकि इन पीड़ित महिलाओं के बच्चों के लिए क्रेच खोला जाएगा।
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महिला समूह खोलेगा कैंटीन, बनेगी लाइब्रेरी
एजेके के अल्पावास में रहने वाले महिला और बच्चों व वहां के कर्मियों के लिए भोजन की व्यवस्था के लिए एक कैंटीन खोली जाएगी। कैंटीन खोलने के लिए महिलाओं द्वारा बनाए गए स्वयं सहायता समूह को मौका दिया जाएगा। डीपीआरओ ने बताया कि हर समूह को एक वर्ष के लिए कैंटीन चलाने का मौका मिलेगा। इसके अलावा लाइब्रेरी खोली जाएगी।
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ऐजेके को मिलेगी बैंक और लोकवाणी केंद्र की सुविधा
अगस्त में नए भवन में संभावित रूप से शिफ्ट होने वाले केंद्र को वहां एटीएम के साथ बैंक सुविधा दी जाएगी। डीपीओ ने बताया कि अगले माह बैंक अधिकारियों के साथ इस संबंध में एक बैठक होनी है। इसके अलावा केंद्र में लोकवाणी केंद्र व ई-सुविधा केंद्र खोलेगा।
यह हैं मुख्य सुविधाएं
नई गाइड लाइन के अनुसार, आशा ज्योति केंद्र घरेलू हिंसा, पारिवारिक कलह, विधवा विवाह, बाल विवाह, दहेज प्रकरण, शारीरिक शोषण व निराश्रित या भटकी हुई महिलाओं के प्रकरणों पर काम करेगा। इसके लिए केंद्र को मुख्य रुप से 12 सुविधाएं दी जाएगी। जिसमें महिला रिपोर्टिंग चौकी, 181 आशा ज्योति हेल्पलाइन सेल, चाइल्ड लाइन, मेडिकल सुविधा सेल, ट्रॉमा काउंसलिंग सेल, कानूनी सहायता केंद्र मुख्य हैं। डीपीआरओ ने बताया कि केंद्र में कुल 57 का स्टाफ होगा, जिसकी नियुक्ति जल्द ही कर दी जाएगी।
आशा ज्योति को मिलेगी ‘सखी’
आशा ज्योति केंद्र के पास ही केंद्र सरकार ‘सखी केंद्र’ खोलने जा रहा है। डीपीआरओ ने बताया कि अभी केंद्र सरकार ने इस विशेष केंद्र के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं भेजी है। यह केंद्र आशा ज्योति केंद्र के पास ही खोला जाना है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने तीन सौ वर्ग मीटर जमीन मांगी है। उन्होंने बताया कि पांच सौ वर्ग मीटर गज में बन रहे आशा ज्योति केंद्र के पास तीन सौ वर्ग गज जमीन के लिए डीएम की ओर से सीएमओ को 15 दिन पहले पत्र भेज दिया गया है।