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अड़चनः रिक्त स्थानों की सूची नहीं उपलब्ध करा रहे पर्यवेक्षक
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14 दिन में ऑनलाइन सूचना दर्ज न कराने पर शोध नहीं करा सकेंगे पर्यवेक्षक
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बरेली। सत्र 2021-22 के लिए प्रस्तावित शोध प्रवेश प्रक्रिया के शुरू होने में कुछ शोध पर्यवेक्षक अड़चन बने हैं। उनकी अनदेखी से गतिविधि शुरू नहीं हो पा रही है। अब कुलपति प्रो. केपी सिंह ने 31 जुलाई तक ऐसे शोध पर्यवेक्षकों को उनके निर्देशन में भरे और रिक्त स्थानों की सूची ऑनलाइन अपलोड कराने को कहा है। चेतावनी के बाद भी सूचना न देने पर उन्हें शोधार्थी आवंटित नहीं किए जाएंगे।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन से मिली जानकारी के तहत पूर्व में दो बार 18 और 30 जून को पत्र जारी हुआ था। इसमें सत्र 2021-22 के लिए शोध प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए शोध पर्यवेक्षकों से उनका अपडेट विवरण मांगा था। साथ ही, उनके निर्देशन में भरे और रिक्त स्थान की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देश के बावजूद अब तक कुछ ही शोध पर्यवेक्षकों ने जानकारी उपलब्ध कराई है। तमाम पर्यवेक्षक ने आदेश को नजरंदाज किया। मामले को गंभीरता से लेकर कुलपति प्रो. केपी सिंह ने 31 जुलाई तक सूचना उपलब्ध कराने का समय दिया है। साथ ही, इसके बाद आगे तिथि नहीं बढ़ाए जाने को कहा है। अगर सूचना प्राप्त नहीं होगी तो ऐसे पर्यवेक्षकों को शोध कार्य कराने के लिए इच्छुक न मानते हुए उन्हें शोधार्थी आवंटित नहीं किए जाने की चेतावनी दी है। सूचना विवि की वेबसाइट पर अपलोड होगी।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन से मिली जानकारी के तहत पूर्व में दो बार 18 और 30 जून को पत्र जारी हुआ था। इसमें सत्र 2021-22 के लिए शोध प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए शोध पर्यवेक्षकों से उनका अपडेट विवरण मांगा था। साथ ही, उनके निर्देशन में भरे और रिक्त स्थान की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देश के बावजूद अब तक कुछ ही शोध पर्यवेक्षकों ने जानकारी उपलब्ध कराई है। तमाम पर्यवेक्षक ने आदेश को नजरंदाज किया। मामले को गंभीरता से लेकर कुलपति प्रो. केपी सिंह ने 31 जुलाई तक सूचना उपलब्ध कराने का समय दिया है। साथ ही, इसके बाद आगे तिथि नहीं बढ़ाए जाने को कहा है। अगर सूचना प्राप्त नहीं होगी तो ऐसे पर्यवेक्षकों को शोध कार्य कराने के लिए इच्छुक न मानते हुए उन्हें शोधार्थी आवंटित नहीं किए जाने की चेतावनी दी है। सूचना विवि की वेबसाइट पर अपलोड होगी।
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