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हिंदी में कामकाज करने से परहेज कर रहे विभाग
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Wed, 28 Sep 2016 01:17 AM IST
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नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की दूसरी छमाही समीक्षा बैठक बीएसएनएल, कैंट बोर्ड, पीएमजी और पासपोर्ट समेत कई विभागों में हिंदी में कामकाज न होने पर नाराजगी जताई गई। कहा गया कि यहां आंतरिक फाइल नोट पूरी तरह अंग्रेजी में होता है। वक्ताओं ने सभी केंद्रीय विभाग विभागाध्यक्षों से कहा कि वे अपने कार्यालयों में यूनीकोड साफ्टवेयर अनिवार्य रुप से इस्तेमाल कराएं।
आयकर भवन सभागार में आयोजित छमाही बैठक में 55 केंद्रीय विभाग और उपक्रमों से प्रतिनिधि पहुंचे। समिति अध्यक्ष और आयकर आयुक्त (अपील) एसएमजे आब्दी ने कहा कि सभी कार्यालय और उपक्रम हिंदी का प्रयोग अधिक से अधिक करें। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रति लोग अपनी मानसिकता बदलें। उनका कहना है कि हिंदी एक बेहतर संपर्क भाषा है इसलिए विभागाध्यक्ष अपने कामकाज के साथ ही राजभाषा के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
बीएसएनएल, कैंट बोर्ड, पीएमजी और पासपोर्ट समेत कई विभागों ने एक इस वर्ष एक भी हिंदी कार्यशाला आयोजन नहीं की। बीएसएनएल ने ज्यादातर पत्राचार अंग्रेजी में ही किया है। राजभाषा अधिकारी इतेश कुमार ने कहा कि कई विभाग यूनीकोड इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, इससे हिंदी ई- मेल आदान प्रदान प्रभावित हो रहा है। संचालन एसबीआई से आए राजभाषा अधिकारी आरके गौड़ ने किया। आयकर कर्मचारी संघ जोनल सचिव रविंद्र सिंह ने चिकित्सा सुविधा मामला उठाया। संयुक्त आयकर आयुक्त वृंदा देसाई ने आभार जताया। प्रवर डाक अधीक्षक रामेश्वर दयाल, सीएआईआर निदेशक जेएम कटारिया, एमएस कुशवाहा आदि ने भी विचार रखे।
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आयकर भवन सभागार में आयोजित छमाही बैठक में 55 केंद्रीय विभाग और उपक्रमों से प्रतिनिधि पहुंचे। समिति अध्यक्ष और आयकर आयुक्त (अपील) एसएमजे आब्दी ने कहा कि सभी कार्यालय और उपक्रम हिंदी का प्रयोग अधिक से अधिक करें। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रति लोग अपनी मानसिकता बदलें। उनका कहना है कि हिंदी एक बेहतर संपर्क भाषा है इसलिए विभागाध्यक्ष अपने कामकाज के साथ ही राजभाषा के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
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बीएसएनएल, कैंट बोर्ड, पीएमजी और पासपोर्ट समेत कई विभागों ने एक इस वर्ष एक भी हिंदी कार्यशाला आयोजन नहीं की। बीएसएनएल ने ज्यादातर पत्राचार अंग्रेजी में ही किया है। राजभाषा अधिकारी इतेश कुमार ने कहा कि कई विभाग यूनीकोड इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, इससे हिंदी ई- मेल आदान प्रदान प्रभावित हो रहा है। संचालन एसबीआई से आए राजभाषा अधिकारी आरके गौड़ ने किया। आयकर कर्मचारी संघ जोनल सचिव रविंद्र सिंह ने चिकित्सा सुविधा मामला उठाया। संयुक्त आयकर आयुक्त वृंदा देसाई ने आभार जताया। प्रवर डाक अधीक्षक रामेश्वर दयाल, सीएआईआर निदेशक जेएम कटारिया, एमएस कुशवाहा आदि ने भी विचार रखे।
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