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दिल्ली-लखनऊ हाईवे- एनएचएआई चेयरमैन को 46 करोड़ के लिए भेजा रिमाइंडर
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बरेली। जानलेवा हो चले लखनऊ हाईवे को कमिश्नर ने चुनौती की तर्ज पर स्वीकार किया है। इस हाईवे की मरम्मत के लिए कमिश्नर ने एनएचएआई के चेयरमैन को रिमाइंडर भेजकर 46 करोड़ रुपये का रिमाइंडर भेजा है। दरकते और टूटते हाईवे पर हादसों में आए दिन मौतें हो रही हैं। बारिश के सीजन में मरम्मत न हो पाने से हाईवे की स्थिति और भी खतरनाक हो चली है। करीब डेढ़ महीने पहले उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री के बेटे की फरीदपुर के पास हाईवे के गड्ढों के कारण हुए हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद और भी हादसे हुए, लेकिन हाईवे की मरम्मत नहीं हो पाई। अब कमिश्नर के रिमाइंडर से इस जानलेवा हाईवे की मरम्मत की उम्मीद फिर जाग गई है।
बरेली से शाहजहांपुर के बीच इस हाईवे की दशा काफी खराब हो चुकी है। फरीदपुर के पास टोल प्लाजा के पास कुछ दिन पहले बड़े हादसे हो चुके हैं। कस्बे के ही बाईपास की दशा भी बहुत जर्जर है। यहां कई बार खुद कमिश्नर रणवीर प्रसाद पहुंचकर दौरा कर चुके हैं। इसके आगे फतेहगंज पूर्वी में भी फ्लाईओवर टूट रहा है। उस पर आवागमन भी ठप है। बरसात शुरू होने से पहले एनएचएआई को करीब छह करोड़ रुपये मरम्मत के लिए मिले थे, लेकिन खस्ताहाल पड़े इस हाईवे की हालत के आगे ये रकम कुछ नहीं थी। एनएचएआई के अधिकारियों ने सर्वे के बाद 46 करोड़ का इस्टीमेट तैयार किया है। अफसरों का दावा है कि यह रकम मिल जाए तो हाईवे के खतरनाक प्वाइंट खत्म हो जाएंगे। हालांकि अधूरे पड़े इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब नौ सौ करोड़ रुपये की जरूरत है। इस हाईवे को ठीक कराने के लिए कमिश्नर ने पहले भी एनएचएआई के चेयरमैन नागेंद्र नाथ सिन्हा को इस संबंध में लेटर भेजा था। एक बार फिर से 46 करोड़ रुपये के लिए एनएचएआई चेयरमैन को रिमाइंडर भेज दिया है।
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बरेली से शाहजहांपुर के बीच इस हाईवे की दशा काफी खराब हो चुकी है। फरीदपुर के पास टोल प्लाजा के पास कुछ दिन पहले बड़े हादसे हो चुके हैं। कस्बे के ही बाईपास की दशा भी बहुत जर्जर है। यहां कई बार खुद कमिश्नर रणवीर प्रसाद पहुंचकर दौरा कर चुके हैं। इसके आगे फतेहगंज पूर्वी में भी फ्लाईओवर टूट रहा है। उस पर आवागमन भी ठप है। बरसात शुरू होने से पहले एनएचएआई को करीब छह करोड़ रुपये मरम्मत के लिए मिले थे, लेकिन खस्ताहाल पड़े इस हाईवे की हालत के आगे ये रकम कुछ नहीं थी। एनएचएआई के अधिकारियों ने सर्वे के बाद 46 करोड़ का इस्टीमेट तैयार किया है। अफसरों का दावा है कि यह रकम मिल जाए तो हाईवे के खतरनाक प्वाइंट खत्म हो जाएंगे। हालांकि अधूरे पड़े इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब नौ सौ करोड़ रुपये की जरूरत है। इस हाईवे को ठीक कराने के लिए कमिश्नर ने पहले भी एनएचएआई के चेयरमैन नागेंद्र नाथ सिन्हा को इस संबंध में लेटर भेजा था। एक बार फिर से 46 करोड़ रुपये के लिए एनएचएआई चेयरमैन को रिमाइंडर भेज दिया है।
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