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दिल्ली-लखनऊ हाईवे- गड्ढे भरने में लीपापोती, फिर हादसे का खतरा बढ़ा
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बरेली/फरीदपुर। एनएच-24 दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर गौसगंज के पास रूट डायवर्जन की जगह पर कीचड़ और पैच के फिर से उधड़ने से फिर खतरा पैदा हो गया है। यहां हादसों में कई मौतों के बाद एनएचएआई ने रिपेयरिंग के नाम पर केवल दिखावा ही किया था।
बरेली-फरीदपुर के बीच गौसगंज के पास हाईवे का एक हिस्सा नहीं बना है। इसलिए रूट डायवर्जन कर दोनों ओर के वाहन एक साथ निकल रहे हैं। ऐसे में यहां आए दिन हादसे रहे हैं। कुछ समय पहले उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे की इसी जगह पर एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। कई और घटनाओं में भी लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसके बाद एनएचएआई की टीम ने यहां गड्ढे भरने और सड़क सुरक्षा के नाम पर कुछ काम कराए थे लेकिन इससे राहगीरों को कोई राहत नहीं मिल रही है। गड्ढे भरने के लिए सिर्फ लीपापोती की गई थी। इससे एक-दो बार की बारिश से पैच उधड़ने शुरू हो गए हैं। गौसगंज में एक्सीडेंट जोन के पास मिट्टी का ढेर कीचड़ में बदल गया है। रात में तेजी से आ रहे वाहनों के फिसलने और टकराने का खतरा बना हुआ है। कुछ दिन पहले एक और कार एक्सीडेंट में हल्द्वानी के एक आयकर अधिकारी सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद एनएचएआई ने यहां स्पीड ब्रेकर बनाए थे, वे भी उधड़ रहे हैं।
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बरेली-फरीदपुर के बीच गौसगंज के पास हाईवे का एक हिस्सा नहीं बना है। इसलिए रूट डायवर्जन कर दोनों ओर के वाहन एक साथ निकल रहे हैं। ऐसे में यहां आए दिन हादसे रहे हैं। कुछ समय पहले उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे की इसी जगह पर एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। कई और घटनाओं में भी लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसके बाद एनएचएआई की टीम ने यहां गड्ढे भरने और सड़क सुरक्षा के नाम पर कुछ काम कराए थे लेकिन इससे राहगीरों को कोई राहत नहीं मिल रही है। गड्ढे भरने के लिए सिर्फ लीपापोती की गई थी। इससे एक-दो बार की बारिश से पैच उधड़ने शुरू हो गए हैं। गौसगंज में एक्सीडेंट जोन के पास मिट्टी का ढेर कीचड़ में बदल गया है। रात में तेजी से आ रहे वाहनों के फिसलने और टकराने का खतरा बना हुआ है। कुछ दिन पहले एक और कार एक्सीडेंट में हल्द्वानी के एक आयकर अधिकारी सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद एनएचएआई ने यहां स्पीड ब्रेकर बनाए थे, वे भी उधड़ रहे हैं।
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