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हादसे रोकने के लिए टूटे हाईवे पर बनाए स्पीड ब्रेकर
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बरेली/फरीदपुर। एनएच-24 दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर शुक्रवार की रात फिर से हादसा होने के बाद एनएचएआई ने ब्लैक स्पॉट के पास सुरक्षा के नाम पर स्पीड ब्रेकर बना दिए हैं। हालांकि हाईवे पर स्पीड ब्रेकर से कार सहित दूसरे छोटे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा हो गया है। हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि यह रंपर स्ट्रेप्स बने हैं। इससे वाहनों के निकलने के दौरान केवल कंपन होगा, ताकि ड्राइवर सचेत हो जाए।
इस हाईवे पर गौसगंज के पास हाईवे का एक हिस्सा नहीं बना है। यहां वन वे होने से आए दिन हादसे हो रहे है। यहां रोड की हालत भी खराब है। कुछ दिन पहले उत्तराखंड के मंत्री के बेटे के बाद शुक्रवार की रात एक्सीडेंट में तीन और लोगों की मौत हो गई है। एनएचएआई ने यहां रोड सेफ्टी के काम ही नहीं कराए थे। अधिकारियों का कहना है कि बारिश में अधूरे हाईवे का काम भी पूरा करा पाना मुमकिन नहीं है। जाहिर है कि इससे यहां एक्सीडेंट भी नहीं रुकने वाले। हालांकि सुरक्षा के नाम पर शनिवार को एनएचएआई की टीम ने गौसगंज घटना स्थल के पास दोनों और स्पीड ब्रेकर बनाकर खानापूर्ति कर दी है। इन स्पीड ब्रेकर के ऊंचाई ज्यादा है। हाईवे पर तेज गति से वाहनों के निकलने के दौरान उनके अनियंत्रित होने का खतरा बन गया है।
एनएचएआई के अधिकारियों ने समय रहते नहीं कराया काम
इस हाईवे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। टूटते और दरकते हाईवे को ठीक कराने के लिए करीब छह करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है लेकिन इससे मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति ही हो रही है। फरीदपुर से पहले डायवर्जन के पास पैच वर्क हुए थे। साथ ही रेडियम खंभे भी लगाए गए थे। इसमें ज्यादातर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या टूट गए हैं। इससे रात में लोगों को डायवर्जन सही से नहीं दिखाई देता। इस वजह से वाहनों टकराने से हादसे हो रहे हैं। हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से के बड़े कामों के लिए नए सिरे से बजट मंगवाने का प्रयास चल रहा है।
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हाईवे पर गौसगंज के पास जहां पर रूट डायवर्जन है, वहां पर रंबल स्टेप्स बना दिए गए हैं। हालांकि हाईवे को पूरी तरह से सही करने का काम बाद में होगा।-आंकाक्ष, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई
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इस हाईवे पर गौसगंज के पास हाईवे का एक हिस्सा नहीं बना है। यहां वन वे होने से आए दिन हादसे हो रहे है। यहां रोड की हालत भी खराब है। कुछ दिन पहले उत्तराखंड के मंत्री के बेटे के बाद शुक्रवार की रात एक्सीडेंट में तीन और लोगों की मौत हो गई है। एनएचएआई ने यहां रोड सेफ्टी के काम ही नहीं कराए थे। अधिकारियों का कहना है कि बारिश में अधूरे हाईवे का काम भी पूरा करा पाना मुमकिन नहीं है। जाहिर है कि इससे यहां एक्सीडेंट भी नहीं रुकने वाले। हालांकि सुरक्षा के नाम पर शनिवार को एनएचएआई की टीम ने गौसगंज घटना स्थल के पास दोनों और स्पीड ब्रेकर बनाकर खानापूर्ति कर दी है। इन स्पीड ब्रेकर के ऊंचाई ज्यादा है। हाईवे पर तेज गति से वाहनों के निकलने के दौरान उनके अनियंत्रित होने का खतरा बन गया है।
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एनएचएआई के अधिकारियों ने समय रहते नहीं कराया काम
इस हाईवे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। टूटते और दरकते हाईवे को ठीक कराने के लिए करीब छह करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है लेकिन इससे मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति ही हो रही है। फरीदपुर से पहले डायवर्जन के पास पैच वर्क हुए थे। साथ ही रेडियम खंभे भी लगाए गए थे। इसमें ज्यादातर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या टूट गए हैं। इससे रात में लोगों को डायवर्जन सही से नहीं दिखाई देता। इस वजह से वाहनों टकराने से हादसे हो रहे हैं। हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से के बड़े कामों के लिए नए सिरे से बजट मंगवाने का प्रयास चल रहा है।
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हाईवे पर गौसगंज के पास जहां पर रूट डायवर्जन है, वहां पर रंबल स्टेप्स बना दिए गए हैं। हालांकि हाईवे को पूरी तरह से सही करने का काम बाद में होगा।-आंकाक्ष, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई