{"_id":"0d06a2f951ae85684b78bf82ea774046","slug":"helth-hindi-news-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मेडिको लीगल के लिए जिला अस्पताल में नहीं लगेगी भीड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मेडिको लीगल के लिए जिला अस्पताल में नहीं लगेगी भीड़
बरेली
Updated Fri, 12 Jun 2015 01:48 AM IST
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दिन भर आने वाले मेडिको लीगल केस ने डॉक्टराें को परेशान कर दिया है। पिछले दिनों मेडिको लीगल केस देखने के चलते ही कई मरीजाें को समय पर उपचार नहीं मिल पाया था। गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय यादव ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियाें को पत्र जारी कर अपने यहां ही मेडिको लीगल कराने को कहा है।
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मेडिको लीगल के लिए बरेली के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी पुलिस घायलाें व अन्य को जिला अस्पताल ले आती है। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्राें पर ही चिकित्सकाें द्वारा इसको करने की व्यवस्था पहले से है। यहां तक की कम गंभीर घायलाें का भी मेडिकल कराने के लिए पुलिस उन्हें जिला अस्पताल लाती है। सीएमओ ने पत्र में कहा है कि जो घायल गंभीर हों सिर्फ उन्हें ही जिला चिकित्सालय में मेडिकल के लिए भेजा जाए। अन्यथा केंद्र पर ही मरीज पर देखें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर कोई भी मामूली केस जिला चिकित्सालय भेजा गया तो केंद्र प्रभारी को दोषी मानकर कार्रवाई की जाएगी।
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- दबाव में बनते हैं मेडिकल
ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालाें में चिकित्सकाें द्वारा बनाए जाने वाले मेडिकल दबाव में भी बनते हैं। गांव के दबंगाें द्वारा मारपीट और अन्य मामलों में जब घायल को स्वास्थ्य केंद्राें पर लाया जाता है तो चिकित्सकाें को भी धमकाया जाता है। साथ ही कई चीजें जबरदस्ती भी लिखवाई जाती हैं। पिछले दिनाें में कई मामले जिलों में सामने आए थे, जिसके बाद अधिकतर मेडिकल जिला अस्पताल में कराने के लिए भेजा जाने लगा।
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- आशाआें को किया जा रहा चिह्नित, होगी कार्रवाई
पिछले दिनों रेशमा नर्सिंग होम में एक साथ 200 से अधिक आशाआें की बैठक होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। आशा बिना किसी प्रकार की अनुमति के एक प्राइवेट नर्सिंग होम की बैठक में शामिल होने गई थी। इस मामले में जांच शुरू हो गई है। सीएमओ डॉ. विजय यादव ने बताया कि जितनी भी आशा कार्यक्रम में शामिल हुई थीं उनको चिह्नित किया जा रहा है। पहचान के बाद उन पर कार्रवाई होगी। ताकि आगे ऐसी बातें सामने न आएं।