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संक्रमण पर भारी आस्थाः संक्रमित होकर भी पति की दीर्घायु के लिए रखा उपवास
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- फोटो : अमर उजाला
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कोविड चिकित्सालयों में भर्ती संक्रमित सुहागिनों ने रखा करवाचौथ का व्रत
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बरेली। नारी शक्ति की इससे बढ़कर और क्या मिसाल होगी खुद कोरोना की चपेट में होने के बावजूद उन्होंने पति की दीर्घायु की कामना की। दिन भर अखंड व्रत रखकर उन्होंने सच्चे मन से ईष्ट की आराधना की और परिवार की सुख शांति की वर मांगा। उधर, संक्रमण के चलते सेहत पर कोई असर न पड़े.. इसके लिए चिकित्सक पूरी तरह मुस्तैद रहे और व्रत आदि के दौरान प्रयोग होने वाली सभी सामग्रियां उपलब्ध कराते रहे।
द्वारिकेश शुगर मिल के एक कर्मचारी और उनकी पत्नी बीते दिनों संक्रमित मिले थे। दंपती को कोविड चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। जिसमें पत्नी की तबियत थोड़ी बिगड़ने पर उन्हें कुछ दिन आईसीयू में भी रखा गया था। हालांकि, दो दिन पहले तबियत में सुधार होने पर सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया है। साल दर साल वह करवा चौथ का व्रत कर रहीं थीं। उन्होंने इस बार भी व्रत रखने का निर्णय लिया। जिसकी जानकारी स्टाफ ने सीएमएस डॉ. वागीश वैश्य को दी। दो दिन पहले ही हालत में सुधार होने की वजह से उन्हें समझाने का पूरा प्रयास किया लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। साथ में ही भर्ती पति ने भी समझाया मगर कोई असर नहीं हुआ। जिसे देखते हुए सीएमएस ने उनके व्रत का पूरा इंतजाम कराया। बुधवार की सुबह से ही अस्पताल में यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। रात नौ बजे चांद को छलनी से देखा और जल अर्पित कर जीवनसाथी को निहारा। इस दौरान दंपती की आंखें नम रहीं।
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द्वारिकेश शुगर मिल के एक कर्मचारी और उनकी पत्नी बीते दिनों संक्रमित मिले थे। दंपती को कोविड चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। जिसमें पत्नी की तबियत थोड़ी बिगड़ने पर उन्हें कुछ दिन आईसीयू में भी रखा गया था। हालांकि, दो दिन पहले तबियत में सुधार होने पर सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया है। साल दर साल वह करवा चौथ का व्रत कर रहीं थीं। उन्होंने इस बार भी व्रत रखने का निर्णय लिया। जिसकी जानकारी स्टाफ ने सीएमएस डॉ. वागीश वैश्य को दी। दो दिन पहले ही हालत में सुधार होने की वजह से उन्हें समझाने का पूरा प्रयास किया लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। साथ में ही भर्ती पति ने भी समझाया मगर कोई असर नहीं हुआ। जिसे देखते हुए सीएमएस ने उनके व्रत का पूरा इंतजाम कराया। बुधवार की सुबह से ही अस्पताल में यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। रात नौ बजे चांद को छलनी से देखा और जल अर्पित कर जीवनसाथी को निहारा। इस दौरान दंपती की आंखें नम रहीं।
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क्वारंटीन हुई नर्स और स्टाफ ने रखा व्रत
कोविड एल-2 अस्पताल में ड्यूटी के बाद क्वारंटीन हुई महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। स्टाफ नर्स शिखा सिसोदिया, रजनी, वार्ड आया शशि लता, आशा, सुखरानी समेत अन्य क्वारंटीन हैं। सभी व्रत का अनुष्ठान करना चाहती थीं मगर परिजनों के समझाने पर कुछेक को छोड़कर बाकी सभी ने व्रत रखा और परिवार के लिए मंगल कामना की। उनका कहना है कि सकारात्मकता से कोरोना वायरस को मात दी जा सकती है। अनुष्ठान से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जिससे संक्रमण से डर को हराकर उस पर काबू पाना आसान हो जाता है।
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