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मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी, आपत्ति के लिए दस दिन और

Sat, 20 May 2017 01:42 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Sat, 20 May 2017 01:42 AM IST
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Heavy disturbances in voter list, ten days for objection
Heavy disturbances in voter list, ten days for objection - फोटो : बरेली, अमर उजाला
राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की अधिसूचना सात जून तक जारी हो जाएगी। उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ियों की लगातार शिकायतें मिलने पर आपत्तियां दाखिल करने के लिए दस दिन का समय बढ़ा दिया है अब 29 मई तक आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि चुनाव में गड़बड़ी करने वाला किसी भी दल या समाज से हो, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और ठोस कार्रवाई होगी।   
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मंडलायुक्त सभागार में जोन के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परिसीमन की कार्रवाई भी लगभग पूरी हो गई है। आबादी के हिसाब से पिछड़ा वर्ग का रैपिड सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद शासन को आरक्षण फाइनल करने के लिए भेज दिया गया है। जल्द ही शासन स्तर से आरक्षण की कार्रवाई हो जाएगी। मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गड़बड़ी होने की काफी शिकायतें मिल रही हैं। एक वार्ड के वोट दूसरे वार्ड में शामिल हो गए हैं। इसलिए आपत्तियां दाखिल करने की तिथि 19 से बढ़ाकर 29 जून कर दी है। इस दौरान जो वोट फर्जी बने हैं, वह काटे जाएंगे। जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उनके नाम शामिल होंगे। परसीमन में कुछ गड़बड़ियां हुई हैं। उन्हें इस बीच सही कर लिया जाएगा। उन्होंने क हा कि शिकायतों को डीएम अपने स्तर से संज्ञान में लेकर बीएलओ को क्षेत्रों में भेजकर परिसीमन और मतदाता सूचियों को दुरुस्त कराने का काम करेंगे। 
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उन्होंने कहा कि कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा के दौरान यह देखा गया है कि बरेली जोन में पहले से सुधार हुआ है। अब नए अफसर आए हैं और भी सुधार होने की उम्मीद है। चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खुराफात करने वाला किसी भी सियासी दल और समाज से उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस मौके पर एडीजी लॉ एंड आर्डर आदित्य मिश्रा, एडीजी बृजराज मीना, आईजी एसके भगत कमिश्नर पीवी जगनमोहन, डीएम डॉ.पिंकी जोवल और एसएसपी जोगेंद्र कु मार के साथ ही जोन के सभी जिलों के डीएम और कप्तान मौजूद थे।    
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ईवीएम में गड़बड़ी के सुबूत हो तो दें
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत देश के तमाम नेताओं के इलेक्ट्रोनिक्स वोटिंग मशीन(ईवीएम) पर उठ रहे सवालों को राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने सिरे से नकार दिया। हमारे देश में किसी पर शक जाहिर करना और आरोप लगाना बहुत आसान है, लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है। सियासी दल तो कहते ही रहते हैं। कायदा और कानून भी तो होता है। भारत निर्वाचन आयोग कई बार सुबूत देने की बात कह चुका है। किसी के पास ईवीएम में गड़बड़ी का सुबूत हो तो  बताए। बातें तो होती ही रहती हैं। ईवीएम से ही निकाय चुनाव होेंगे। 
 
10 फीसदी मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग होगी
-यूपी में निकाय चुनाव के दौरान 10 फीसदी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर इंटरनेट के लिए सीधे राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय से जोड़ा जाएगा। निर्वाचन आयुक्त के अलावा डीजीपी, प्रमुख सचिव, एडीजी, कमिश्नर और डीएम भी ऑनलाइन मतदान केंद्र की स्थिति किसी भी समय देख सकेंगे। अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर यह व्यवस्था होगी। ड्रोन कैमरे भी मतदान शांतिपूर्वक कराने में इस्तेमाल होंगे।

हिस्ट्रीशीटरों पर होगी गुंडाएक्ट की कार्रवाई
निकाय चुनाव से पहले ही प्रदेश भर में हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ गैंगस्टर और गुंडाएक्ट की कार्रवाई होंगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि देखने में आ रहा है कि जनसंख्या के साथ अपराध बढ़ रहा है, लेकिन हिस्ट्रीशीट खोेले जाने की संख्या लगातार कम हो रहा है। यह अच्छी बात नहीं है। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी के काम में कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। इस संबंध में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने सर्कुलर भी जारी किया है। 


48 घंटे पहले बंद रहेंगी शराब की दुकान
निकाय चुनाव को मतदान होने पर 48 घंटे शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी। ताकि चुनाव में लाभ पाने के लिए कोई शराब खरीदकर बांटने न पाए। इसके अलावा असलहा की दुकानों से बिकने वाले कारतूसों का सत्यापन होगा। इससे यह पता लग जाएगा कि कारतूस किसने खरीदे और कहां चलाए गए। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। 


2012 के मुकदमों का रिव्यू होगा
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान जिले में सात मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से पांच मुकदमों में चार्जशीट लग चुकी है। दो मुकदमों में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। इसी तरह लोकसभा चुनाव में कुछ स्थानों पर विवाद हुआ है। सभी को दिखवाया जा रहा है। जघन्य अपराधों  में नामजद अभियुक्तों में कार्रवाई के लिए छह महीने डिले नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों के आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी होगी। 

  
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