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जनप्रतिनिधियों की सुनें अफसर.. कोई दबाव बनाए तो रात दो बजे शिकायत पर भी होगा एक्शन

Sat, 08 Aug 2020 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 01:56 AM IST
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Hear the officers of public representatives .. If any pressure is created then action will be taken on the complaint at two o'clock
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ते कोरोना संक्रमण पर मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान तमाम खामियों का उल्लेख करते हुए अफसरों को आगाह तो किया लेकिन उनका हौसला भी नहीं टूटने दिया। उन्हें तमाम हिदायतें देने के साथ यह भी कहा कि अगर कोई दबाव बनाए तो सीधे उन्हें बताया जाए। ऐसे मामलों में रात दो बजे भी शिकायत पर एक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मनमानी की कई शिकायतें मिली हैं। भर्ती होने पहुंच रहे मरीजों को काफी देर बैठाया जा रहा है। इस पर सख्ती की जानी चाहिए।
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मंडलायुक्त सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अफसरों और जनप्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक करीब पौने दो घंटे चली। इस दौरान उन्होंने बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और जनप्रतिनिधियों से भी पूरे मंडल के हालात की जानकारी ली। इसके बाद समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कई मुद्दों पर अफसरों को चेताया तो उनका बचाव करते भी नजर आए। उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है कि पूरा सिस्टम कोरोना से जंग लड़ने में लगा हुआ है लेकिन कई शिकायतें भी मिल रही हैं। एक तरफ कोरोना का बढ़ना चिंता की बात है तो दूसरी तरफ लापरवाही की शिकायतें और भी गंभीर बात है। उन्होंने अफसरों से कहा कि वे दबाव में काम न करें और कोई भी बात हो तो उन्हें तत्काल सूचना दें।
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मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिया कि संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। इसके साथ संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का सर्विलांस के जरिये जल्द से जल्द सैंपल कराने, सैंपलिंग बढ़ाने, गंभीर मरीजों को तत्काल कोविड अस्पताल में भर्ती कराने और जरूरत होने पर वेंटिलेटर की सुविधा मुहैया कराने, अस्पतालों में खाने-पीने और सफाई की व्यवस्था के साथ इलाज में कोई कमी न होने देने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमितों की रिपोर्ट आने के बाद अधिकतम दो घंटे के अंदर उन्हें कोविड अस्पताल पहुंचाया जाए ताकि उन्हें जल्द से जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल पाए और मृत्युदर पर काबू पाया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे सभी कोरोना की आपदा में बड़ी मजबूती से डटे हुए हैं जिसके लिए वे सराहना के पात्र हैं। इस इच्छाशक्ति आगे भी बरकरार रखें। एडीजी अविनाश चंद्र से उन्होंने जोन के सभी नौ जिलों के बारे में जानकारी ली। अफसरों को संक्रमण से बचाव में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लेने को कहा। जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए मुद्दों को भी निस्तारित करने का निर्देश दिया।

डोर टू डोर सर्वे और कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग को तेज करने पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि सर्विलांस जितना मजबूत होगा, कोरोना को रोकना उतना आसान होगा। यह काम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये बहुत सुविधाजनक तरीके से किया जा सकता है। कंट्रोल रूम और एंबुलेंस सिस्टम के बीच मजबूत तालमेल की कमी है। कोरोना से दस कदम आगे चलकर ही कोरोना से लड़ा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और डोर टू डोर सर्वे तेज करने के साथ कोरोना टेस्ट बढ़ाने को कहा। एंटीजन टेस्ट बढ़ाने के भी निर्देश दिए। होम आइसोलेशन की निगरानी को भी कहा।

रिस्पॉन्स टाइम कम करना सबसे जरूरी

मुख्यमंत्री ने बैठक में कोविड से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों पर मंडल के सभी जिलों का प्रेजेंटेशन भी देखा। उन्होंने किसी संक्रमित का पता लगते ही उसे तत्काल कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाना सबसे ज्यादा जरूरी है क्योंकि ऐसा न किया गया तो संक्रमण पर काबू पाना मुश्किल होगा। उन्होंने प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को ही ड्यूटी पर लगाने और वरिष्ठ चिकित्सकों के मरीजों का हालचाल लेने पर भी जोर दिया। स्वाथ्यकर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए पीपीई किट मुहैया कराने को कहा।

निजी अस्पतालों के रवैये पर नाराज हुए, अफसरों को सख्ती का निर्देश

निजी अस्पतालों के संक्रमित मरीजों का इलाज हाथ से बाहर निकल जाने के बाद उन्हें कोविड अस्पताल रेफर करने के रवैये का मुद्दा उठने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने आईएमए और निजी अस्पतालों से तालमेल बनाकर समय रहते मरीजों को केस हिस्ट्री के साथ रेफर कराना सुनिश्चित करने को कहा। जिले के निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में मनमानी और अवैध वसूली पर भी नाराजगी जताते हुए अफसरों को सख्ती करने का निर्देश दिया। लेवल-2 अस्पतालों की संख्या बढ़ाने और अस्पतालों में कम से कम 48 घंटे की ऑक्सीजन का इंतजाम रखने का निर्देश दिया। डीएम से जिला अस्पताल, कोविड अस्पताल और देहात के सरकारी अस्पतालों पर लाउडस्पीकर की व्यवस्था कर लगातार कोरोना के प्रति जागरूकता का प्रचार-प्रसार कराने को कहा।
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