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Bareilly News: बीपी-शुगर नियंत्रण में, पिछड़े स्वास्थ्य केंद्र
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बरेली। जिले में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम के लिए गांवों से शहर तक चल रही स्क्रीनिंग में बीमारी की पुष्टि के बाद मरीजों का बीपी और शुगर नियंत्रित करना चुनौती है। आंकड़ों के अनुसार दोनों बीमारियों के 16,656 मरीजों में से सिर्फ 2,861 में ही बढ़त नियंत्रित हो सकी।
चालू वित्त वर्ष में अक्तूबर माह तक ग्रामीण क्षेत्रों के 15 ब्लॉकों में 9,505 लोगों में हाई ब्लड प्रेशर और 4,091 लोगों में डायबिटीज की पुष्टि हुई। 1096 बीपी और 985 डायबिटीज के मरीजों में बीमारी नियंत्रित हुई। शहरी क्षेत्र के 26 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (यूपीएचसी) में बीपी के 2,182 और शुगर के 778 मरीज मिले। इनमें 464 बीपी और शुगर के 316 मरीजों की बीमारी नियंत्रित दर्ज की गई।
शहरी केंद्रों पर नियंत्रण के आंकड़ों की तुलना में इलाज जारी रहने वाले की संख्या ज्यादा है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक, गांव-शहर में मरीजों की पहचान हो रही है। कई बार मरीज निजी स्तर पर दवा लेने लगते हैं। इससे रोग की पुष्टि और फॉलोअप के रिकॉर्ड में अंतर आता है। आशा कार्यकर्ता इन्हें स्थानीय सीएचसी पर निशुल्क इलाज का सुझाव दे रही हैं।
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यहां शून्य रहा आंकड़ा
आंवला, फरीदपुर, हरुनगला, शेर अली गौटिया में बीपी, शुगर नियंत्रण के आंकड़े शून्य रहे। बाकरगंज, बानखाना, जगतपुर, जसौली, नदोसी, पुराना शहर और स्वाले नगर में भी शुगर नियंत्रण का आंकड़ा शून्य दर्ज किया गया।
देहात में दमखोदा, शहर में मढ़ीनाथ, सीबीगंज आगे
ब्लॉकवार आंकड़ों में दमखोदा में हाई ब्लड प्रेशर के 2,286 और डायबिटीज के 1,143 मरीजों की पुष्टि हुई। मीरगंज में 1,324 और भुता में 1,007 मरीजों में बीपी की पुष्टि हुई। डायबिटीज के भुता में 682 और बहेड़ी में 538 मरीज सामने आए। बीमारी नियंत्रित होने के आंकड़ों में दमखोदा में 201 बीपी और 160 शुगर मरीज, जबकि भुता में 249 बीपी और 240 डायबिटीज मरीज नियंत्रित दर्ज किए गए। शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में मढ़ीनाथ पर 97, गंगापुर में 85, सीबीगंज में 84 लोगों की बीपी नियमित इलाज से नियंत्रित हुई। सीबीगंज 90, गंगापुर में 69, मढ़ीनाथ में 63 मरीजों का शुगर नियंत्रित किया गया।
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चालू वित्त वर्ष में अक्तूबर माह तक ग्रामीण क्षेत्रों के 15 ब्लॉकों में 9,505 लोगों में हाई ब्लड प्रेशर और 4,091 लोगों में डायबिटीज की पुष्टि हुई। 1096 बीपी और 985 डायबिटीज के मरीजों में बीमारी नियंत्रित हुई। शहरी क्षेत्र के 26 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (यूपीएचसी) में बीपी के 2,182 और शुगर के 778 मरीज मिले। इनमें 464 बीपी और शुगर के 316 मरीजों की बीमारी नियंत्रित दर्ज की गई।
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शहरी केंद्रों पर नियंत्रण के आंकड़ों की तुलना में इलाज जारी रहने वाले की संख्या ज्यादा है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक, गांव-शहर में मरीजों की पहचान हो रही है। कई बार मरीज निजी स्तर पर दवा लेने लगते हैं। इससे रोग की पुष्टि और फॉलोअप के रिकॉर्ड में अंतर आता है। आशा कार्यकर्ता इन्हें स्थानीय सीएचसी पर निशुल्क इलाज का सुझाव दे रही हैं।
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यहां शून्य रहा आंकड़ा
आंवला, फरीदपुर, हरुनगला, शेर अली गौटिया में बीपी, शुगर नियंत्रण के आंकड़े शून्य रहे। बाकरगंज, बानखाना, जगतपुर, जसौली, नदोसी, पुराना शहर और स्वाले नगर में भी शुगर नियंत्रण का आंकड़ा शून्य दर्ज किया गया।
देहात में दमखोदा, शहर में मढ़ीनाथ, सीबीगंज आगे
ब्लॉकवार आंकड़ों में दमखोदा में हाई ब्लड प्रेशर के 2,286 और डायबिटीज के 1,143 मरीजों की पुष्टि हुई। मीरगंज में 1,324 और भुता में 1,007 मरीजों में बीपी की पुष्टि हुई। डायबिटीज के भुता में 682 और बहेड़ी में 538 मरीज सामने आए। बीमारी नियंत्रित होने के आंकड़ों में दमखोदा में 201 बीपी और 160 शुगर मरीज, जबकि भुता में 249 बीपी और 240 डायबिटीज मरीज नियंत्रित दर्ज किए गए। शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में मढ़ीनाथ पर 97, गंगापुर में 85, सीबीगंज में 84 लोगों की बीपी नियमित इलाज से नियंत्रित हुई। सीबीगंज 90, गंगापुर में 69, मढ़ीनाथ में 63 मरीजों का शुगर नियंत्रित किया गया।