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थायराइड का प्रारंभिक लक्षण डिप्रेशन भी हो सकता है
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गर्भवती महिला में सब क्लीनिकल के लक्षण होने पर उपचार जरूरी
बरेली। यदि आप डिप्रेशन में रहते हैं, थकान और नींद अधिक आ रही है तो यह आपके शरीर में थायराइड के प्रारंभिक लक्षण हैं। जो जांच में तो सामने नहीं आएंगे, लेकिन अगर जांच में आपका टीएसएच तीन से 4.5 तक बढ़ा हुआ है तो यह थायराइड की पुष्टि माना जा सकता है। कॉलेज ऑफ जनरल प्रैक्टिीटिनोर्स के अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल ने बताया कि यह लक्षण आपको तीन से चार साल में थायराइड की ओर ले जा सकता है।
एक होटल में हुए सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) आयोजन में डॉ. रवीश अग्रवाल ने बताया कि ऐसी स्थिति में दवा देने की जरूरत नहीं, लेकिन अगर कोई महिला गर्भवती है या गर्भ धारण करना चाहती है तो ऐसी स्थिति में उसे दवा देने की जरूरत है क्योंकि यह उसके बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने बताया कि अगर थायरोक्सिन का स्तर सामान्य स्तर के भीतर हो तो यह सब क्लिनिकल हाइपोथायरायर्डिम की तरफ संकेत करते हैं। इसके सामान्य लक्षण, जैसे चेहरे पर सूजन, आवाज का बैठ जाना, कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना, जोड़ों में अकड़न और सूजन के साथ दर्द, असामान्य और अनियमित रूप से मासिक धर्म, बाल झड़ना, दिल की गति धीमी होना व स्मरण शक्ति का खराब पड़ जाना, हैं। इन्हें नजरअंदाज न करें। इस मौके पर डॉ. अनूप आर्या, डॉ. एके सिंघल, डॉ. अतुल वर्मा, डॉ. अनिल रावत, डॉ. अतुल वर्मा, डॉ. सोमेश मेहरोत्रा व डॉ. हिमांशु अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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बरेली। यदि आप डिप्रेशन में रहते हैं, थकान और नींद अधिक आ रही है तो यह आपके शरीर में थायराइड के प्रारंभिक लक्षण हैं। जो जांच में तो सामने नहीं आएंगे, लेकिन अगर जांच में आपका टीएसएच तीन से 4.5 तक बढ़ा हुआ है तो यह थायराइड की पुष्टि माना जा सकता है। कॉलेज ऑफ जनरल प्रैक्टिीटिनोर्स के अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल ने बताया कि यह लक्षण आपको तीन से चार साल में थायराइड की ओर ले जा सकता है।
एक होटल में हुए सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) आयोजन में डॉ. रवीश अग्रवाल ने बताया कि ऐसी स्थिति में दवा देने की जरूरत नहीं, लेकिन अगर कोई महिला गर्भवती है या गर्भ धारण करना चाहती है तो ऐसी स्थिति में उसे दवा देने की जरूरत है क्योंकि यह उसके बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने बताया कि अगर थायरोक्सिन का स्तर सामान्य स्तर के भीतर हो तो यह सब क्लिनिकल हाइपोथायरायर्डिम की तरफ संकेत करते हैं। इसके सामान्य लक्षण, जैसे चेहरे पर सूजन, आवाज का बैठ जाना, कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना, जोड़ों में अकड़न और सूजन के साथ दर्द, असामान्य और अनियमित रूप से मासिक धर्म, बाल झड़ना, दिल की गति धीमी होना व स्मरण शक्ति का खराब पड़ जाना, हैं। इन्हें नजरअंदाज न करें। इस मौके पर डॉ. अनूप आर्या, डॉ. एके सिंघल, डॉ. अतुल वर्मा, डॉ. अनिल रावत, डॉ. अतुल वर्मा, डॉ. सोमेश मेहरोत्रा व डॉ. हिमांशु अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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