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मिठाई व्यापारी की मौत पर पिता ने उठाए सिस्टम पर सवाल
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सीएम पोर्टल पर की शिकायत, कहा- जैसा मेरे बेटे के साथ हुआ किसी और के साथ न हो
बरेली। शीशगढ़ के मिठाई व्यापारी की मौत पर जिला अस्पताल में हुए हंगामे के बाद परिवार ने बिना कार्रवाई शव की अंत्येष्टि कर दी थी। रविवार को मृतक के पिता ने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर सिस्टम पर सवाल उठाए हैं।
शीशगढ़ के मोहल्ला साहूकारा में रहने वाले मिठाई व्यापारी 21 वर्षीय दीपू रस्तोगी शुक्रवार को एक्सीडेंट में घायल हो गए थे। फतेहगंज पश्चिमी पुलिस उन्हें जिला अस्पताल लाई। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने दीपू को मृत बताकर मोरचरी के फ्रीजर में रखवा दिया। तीन घंटे बाद दीपू के परिजन पहुंचे। पिता पिंटू रस्तोगी ने दीपू को जीवित बताकर हंगामा किया। डॉक्टरों ने पुलिस बुला ली। तब वह बेटे को ले गए और दो अन्य निजी अस्पतालों में दिखाया। वहां भी मृत घोषित कर दिया तो पोस्टमार्टम कराए बिना शव अपने साथ ले गए। पिंटू की ओर से आरटीजीएस के जरिये ऑनलाइन शिकायत में पूरे घटनाक्र म का उल्लेख किया गया है। कहा है कि शिकायत का मकसद किसी डॉक्टर या स्टाफ पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि वह चाहते हैं कि जो उनके बेटे के साथ हुआ ऐसा किसी अन्य के साथ न हो।
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बरेली। शीशगढ़ के मिठाई व्यापारी की मौत पर जिला अस्पताल में हुए हंगामे के बाद परिवार ने बिना कार्रवाई शव की अंत्येष्टि कर दी थी। रविवार को मृतक के पिता ने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर सिस्टम पर सवाल उठाए हैं।
शीशगढ़ के मोहल्ला साहूकारा में रहने वाले मिठाई व्यापारी 21 वर्षीय दीपू रस्तोगी शुक्रवार को एक्सीडेंट में घायल हो गए थे। फतेहगंज पश्चिमी पुलिस उन्हें जिला अस्पताल लाई। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने दीपू को मृत बताकर मोरचरी के फ्रीजर में रखवा दिया। तीन घंटे बाद दीपू के परिजन पहुंचे। पिता पिंटू रस्तोगी ने दीपू को जीवित बताकर हंगामा किया। डॉक्टरों ने पुलिस बुला ली। तब वह बेटे को ले गए और दो अन्य निजी अस्पतालों में दिखाया। वहां भी मृत घोषित कर दिया तो पोस्टमार्टम कराए बिना शव अपने साथ ले गए। पिंटू की ओर से आरटीजीएस के जरिये ऑनलाइन शिकायत में पूरे घटनाक्र म का उल्लेख किया गया है। कहा है कि शिकायत का मकसद किसी डॉक्टर या स्टाफ पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि वह चाहते हैं कि जो उनके बेटे के साथ हुआ ऐसा किसी अन्य के साथ न हो।
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