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फाइलेरिया नाइट सर्वे शुरू, भरे सैंपल
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पांच ब्लॉकों में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीमें, सोमवार तक चलेगा अभियान
बरेली। क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाली फाइलेरिया बीमारी की रोकथाम की कवायद शनिवार से शुरू हो गई है। नाइट ब्लड सर्वे के तहत डोर-टू-डोर पहुंचकर टीमों ने ब्लड सैंपल भरे हैं। जिनके परीक्षण के बाद इसी माह पीड़ितों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी।
एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि फाइलेरिया के मच्छर रात में ही लोगों को काटते हैं, इसलिए नाइट ब्लड सर्वे शुरू हुआ है। सर्वे में पॉजिटिव मिले लोगोें को एक साथ अभियान चलाकर दवा खिलाई जाएगी। इसमें उम्र के हिसाब से लोगों को दवाएं दी जाती हैं। अभियान में दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और बीमार लोगों को दवा नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही लोगोें को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रत्येक टीम को प्रतिदिन करीब 125 लोगों का सैंपल और दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। बताया कि फाइलेरिया के लक्षण हाथ-पैर की नसें फूलना, तेज दर्द होना, बुखार आना और पेशाब में सफेदी दिखना आदि हैं। ब्यूरो
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बरेली। क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाली फाइलेरिया बीमारी की रोकथाम की कवायद शनिवार से शुरू हो गई है। नाइट ब्लड सर्वे के तहत डोर-टू-डोर पहुंचकर टीमों ने ब्लड सैंपल भरे हैं। जिनके परीक्षण के बाद इसी माह पीड़ितों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी।
एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि फाइलेरिया के मच्छर रात में ही लोगों को काटते हैं, इसलिए नाइट ब्लड सर्वे शुरू हुआ है। सर्वे में पॉजिटिव मिले लोगोें को एक साथ अभियान चलाकर दवा खिलाई जाएगी। इसमें उम्र के हिसाब से लोगों को दवाएं दी जाती हैं। अभियान में दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और बीमार लोगों को दवा नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही लोगोें को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रत्येक टीम को प्रतिदिन करीब 125 लोगों का सैंपल और दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। बताया कि फाइलेरिया के लक्षण हाथ-पैर की नसें फूलना, तेज दर्द होना, बुखार आना और पेशाब में सफेदी दिखना आदि हैं। ब्यूरो
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