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सीएचसी पर इलाज के नाम पर पूरे दिन टहलाया
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बरेली। आंवला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई। एक युवक अपनी बहन का इलाज कराने के लिए डॉक्टरों के चक्कर काटते रहा, लेकिन उसे इलाज नहीं मिला। मजबूर होकर उसके प्राइवेट अस्पताल में दिखाना पड़ा। युवक ने मामले की शिकायत हेल्पलाइन 1076 पर भी की है।
आंवला के गैनी गांव का रहने वाला चंद्रसेन अपनी बेहन ज्ञानवती को दवा दिलाने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया था। उसकी बेहन को बुधवार को बंदर ने काट लिया था। उसके हाथ की नस तक कट गई थी। बुधवार को तो उसने प्राइवेट अस्पताल में दिखाया। गुरुवार को वह बहन को लेकर सीएचसी पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने पर्चे पर दवा लिख दी, लेकिन वैक्सीन नहीं लगाई। कहा कि थोड़ी देर में लगा देंगे। यह कहकर डॉक्टर चले गए। थोड़ी देर बाद जब युवक ने फिर डॉक्टर से बैक्सीन के लिए कहा तो उसने बैक्सीन न होने की बात कही। काफी देर तक डॉक्टर उसे टहलाता रहा बाद में अंदर कमरे में जाकर बैठ गया। युवक मजबूर होकर बहन को प्राइवेट अस्पताल में दिखाने गया। वहीं चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना था कि इस तरह कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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आंवला के गैनी गांव का रहने वाला चंद्रसेन अपनी बेहन ज्ञानवती को दवा दिलाने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया था। उसकी बेहन को बुधवार को बंदर ने काट लिया था। उसके हाथ की नस तक कट गई थी। बुधवार को तो उसने प्राइवेट अस्पताल में दिखाया। गुरुवार को वह बहन को लेकर सीएचसी पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने पर्चे पर दवा लिख दी, लेकिन वैक्सीन नहीं लगाई। कहा कि थोड़ी देर में लगा देंगे। यह कहकर डॉक्टर चले गए। थोड़ी देर बाद जब युवक ने फिर डॉक्टर से बैक्सीन के लिए कहा तो उसने बैक्सीन न होने की बात कही। काफी देर तक डॉक्टर उसे टहलाता रहा बाद में अंदर कमरे में जाकर बैठ गया। युवक मजबूर होकर बहन को प्राइवेट अस्पताल में दिखाने गया। वहीं चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना था कि इस तरह कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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