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मरीजों के इलाज में भी अब सीमा विवाद

Fri, 27 Sep 2019 02:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 02:28 AM IST
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Health
आंवला। पुलिस के बाद अब डॉक्टरों को भी सीमा विवाद का मर्ज लग गया है। गंभीर रूप से झुलसी महिला को रामनगर न ले जाकर मझगवां सीएचसी लाने पर डॉक्टर इतने खफा हुए कि एंबुलेंस स्टाफ से गालीगलौज कर दी। इस दौरान महिला स्ट्रेचर पर पड़ी तड़पती रही। बाद में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। गाली गलौज का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
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ब्लॉक रामनगर के गांव बसंतपुर निवासी हसन पाल की पत्नी ममता (28) ने बुधवार सुबह घरेलू कलह में मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा ली थी। 108 एंबुलेंस के पायलट भूपेंद्र यादव और एमटी राजवीर के मुताबिक महिला करीब 90 प्रतिशत जल चुकी थी। ऐसे में वे उसे बरेली के रास्ते में पड़ने वाले मझगवां सीएचसी ले गए, ताकि जान बचाई जा सके। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. सुशील वर्मा और चिकित्सा प्रभारी डॉ. वैभव राठौर ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन रामनगर स्वास्थ्य केंद्र न ले जाने पर नाराजगी जताने लगे। एंबुलेंस स्टाफ ने कहा कि हालात ऐसे नहीं थे कि महिला को कहीं और ले जाया जा सकता। क्योंकि महिला को प्राथमिक उपचार दिलाना जरूरी था। रामनगर में न तो डॉक्टर रहते हैं और वहां से बरेली की दूरी भी अधिक पड़ती। इतना सुनते ही डॉक्टर भड़क गए और गालियां देने लगे। कहा कि वे लोग मरीजों को रामनगर न ले जाकर सीधे मझगवां ले आते हैं। मामले की शिकायत जिला प्रोग्राम मैनेजर इंद्रजीत से की गई है।
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‘महिला 90 प्रतिशत तक जल चुकी थी, उसको अच्छा उपचार मिलना जरूरी था, इसलिए प्राथमिक उपचार के बाद उसको बरेली रेफर किया गया। रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रोगियों को मझगवां सीएचसी रेफर कर दिया जाता है। यह नियम विरुद्ध है। एक सामुदायिक केंद्र से जिला मुख्यालय पर ही रोगियों को रेफर किया जा सकता है। पिछले दो-तीन माह से अक्सर रात या दिन में रामनगर ब्लॉक क्षेत्र के मरीज मझगवां भेज दिए जाते हैं। इसकी जानकारी प्रोग्राम अधिकारी के अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी दे दी है।’ - डॉ. सुशील वर्मा, चिकित्सक मझगवां सीएचसी
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‘क्षेत्र में बुखार का प्रकोप होने से 12 से 15 सौ मरीज प्रतिदिन देखे जा रहा है, इसके बाद रात में इमरजेंसी की जाती है। रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रात में कोई डॉक्टर नहीं रहता है, इसलिए एंबुलेंस चालक रोगियों को सीधे मझगवां ले आते हैं। झुलसी महिला का गांव रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 5 किलोमीटर दूरी पर है। गंभीर हालत देख महिला को पास के सामुदायिक केंद्र पर ले जाना चाहिए, लेकिन वे ऐसा न करके मझगवां लेकर आए।’ - डॉ. वैभव राठौर, चिकित्सा प्रभारी मझगवां सीएचसी
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