{"_id":"67d9cdaf4edeab9d6f06e91d","slug":"half-a-dozen-monkeys-died-due-to-electric-shock-uproar-bareilly-news-c-400-1-ala1001-649-2025-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: करंट से आधा दर्जन बंदरों की मौत, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: करंट से आधा दर्जन बंदरों की मौत, हंगामा
विज्ञापन
आंवला। करंट से कई बंदरों की मौत की सूचना पर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
रामनगर रोड स्थित एक बीमा कंपनी के भवन की चहारदीवारी के ऊपर लगे लोहे की ग्रिल में करंट आने से एक ही दिन में कई बंदरों की मौत हो गई। सूचना पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल कार्यकर्ता अनुपम शंखधार, हिमांशु सोलंकी, पवन हिंदू, सुनील गुप्ता आदि शाम करीब साढे पांच बजे मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारियों से कई बंदरों के मरने के बारे में जानकारी मांगी। इसी को लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हो गई।
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि चहारदीवारी में लगे लोहे के ग्रिल में दौड़ रहे करंट से एक ही दिन में करीब आधा दर्जन बंदरों की मौत हो गई। मामला बढ़ने पर मौके पर पुलिस पहुंच गई और कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत करा दिया। बाद में संस्थान के उच्चाधिकारी द्वारा माफी मांगने व शव का विधिवत तरीके से अंतिम संस्कार कराने के आश्वासन पर कार्यकर्ता लौट आए। संवाद
--
करंट छोड़े जाने का आरोप निराधार : शाखा प्रबंधक
इस मामले में शाखा प्रबंधक एसके शर्मा ने बताया कि चहारदीवारी में करंट छोड़े जाने का आरोप निराधार है। बंदरों की मौत संदिग्ध जान पड़ती है।
विज्ञापन
रामनगर रोड स्थित एक बीमा कंपनी के भवन की चहारदीवारी के ऊपर लगे लोहे की ग्रिल में करंट आने से एक ही दिन में कई बंदरों की मौत हो गई। सूचना पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल कार्यकर्ता अनुपम शंखधार, हिमांशु सोलंकी, पवन हिंदू, सुनील गुप्ता आदि शाम करीब साढे पांच बजे मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारियों से कई बंदरों के मरने के बारे में जानकारी मांगी। इसी को लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हो गई।
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि चहारदीवारी में लगे लोहे के ग्रिल में दौड़ रहे करंट से एक ही दिन में करीब आधा दर्जन बंदरों की मौत हो गई। मामला बढ़ने पर मौके पर पुलिस पहुंच गई और कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत करा दिया। बाद में संस्थान के उच्चाधिकारी द्वारा माफी मांगने व शव का विधिवत तरीके से अंतिम संस्कार कराने के आश्वासन पर कार्यकर्ता लौट आए। संवाद
विज्ञापन
करंट छोड़े जाने का आरोप निराधार : शाखा प्रबंधक
इस मामले में शाखा प्रबंधक एसके शर्मा ने बताया कि चहारदीवारी में करंट छोड़े जाने का आरोप निराधार है। बंदरों की मौत संदिग्ध जान पड़ती है।