{"_id":"66112bb278526270950a74ab","slug":"gst-raid-on-shiv-shakti-traders-in-bareilly-2024-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly: शिव शक्ति ट्रेडर्स पर जीएसटी छापा, बोगस फर्मों से खरीद दिखा नहीं भरा टैक्स, जमा कराए 31 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly: शिव शक्ति ट्रेडर्स पर जीएसटी छापा, बोगस फर्मों से खरीद दिखा नहीं भरा टैक्स, जमा कराए 31 लाख
Sat, 06 Apr 2024 04:32 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 06 Apr 2024 04:32 PM IST
सार
जीएसटी की जांच में पता चला कि बोगस फर्मों से खरीद दिखाकर 1.25 करोड़ रुपये फर्जी आईटीसी क्लेम किया। पुष्टि पर व्यापारी से मौके पर 31 लाख रुपये जमा कराए गए हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Istock
विस्तार
बरेली में राज्यकर विभाग की टीमों ने शुक्रवार को बिहारीपुर स्थित शिव शक्ति ट्रेडर्स पर छापामारी की। जांच में पता चला कि बोगस फर्मों से खरीद दिखाकर 1.25 करोड़ रुपये फर्जी आईटीसी क्लेम किया। पुष्टि पर व्यापारी से मौके पर 31 लाख रुपये जमा कराए गए हैं।
एडिशनल कमिश्नर जीएसटी ग्रेड-1 ओपी चौबे के मुताबिक लखनऊ मुख्यालय से प्राप्त सूचना के आधार पर छापामारी की गई। ज्वॉइंट कमिश्नर अवधेश सिंह के निर्देश पर एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह अपराह्न तीन बजे टीम के साथ शिव शक्ति ट्रेडर्स पर पहुंचे।
जांच में पता चला कि वर्ष 2022 से अब तक बोगस फर्मों से फर्जी खरीद दिखाते हुए बिना कोई टैक्स जमा किए 28 कराेड़ रूपये से अधिक गल्ला बिल जारी कर आईटीसी समायोजन का दावा कर टैक्स जमा नहीं कर रहा था। जांच व तथ्यों के आधार पर फर्म संचालक पर करीब तीन करोड़ रुपये की कर देयता बन रही है। इसमें कर, ब्याज और पेनाल्टी तीनों शामिल हैं। मौके पर 31 लाख रुपये जमा कराए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एडिशनल कमिश्नर जीएसटी ग्रेड-1 ओपी चौबे के मुताबिक लखनऊ मुख्यालय से प्राप्त सूचना के आधार पर छापामारी की गई। ज्वॉइंट कमिश्नर अवधेश सिंह के निर्देश पर एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह अपराह्न तीन बजे टीम के साथ शिव शक्ति ट्रेडर्स पर पहुंचे।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि वर्ष 2022 से अब तक बोगस फर्मों से फर्जी खरीद दिखाते हुए बिना कोई टैक्स जमा किए 28 कराेड़ रूपये से अधिक गल्ला बिल जारी कर आईटीसी समायोजन का दावा कर टैक्स जमा नहीं कर रहा था। जांच व तथ्यों के आधार पर फर्म संचालक पर करीब तीन करोड़ रुपये की कर देयता बन रही है। इसमें कर, ब्याज और पेनाल्टी तीनों शामिल हैं। मौके पर 31 लाख रुपये जमा कराए गए हैं।
विज्ञापन