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मेरठ से आई जीएसटी टीम ने खंगाले रिकार्ड
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बरेली। मेरठ से पहुंची केंद्रीय जीएसटी टीम ने चौपुला मार्ग स्थित होराइजन कंपनी कार्यालय में रिकार्ड खंगाले। मंगलवार दोपहर को पहुंची टीम की जानकारी कारोबारियों तक पहुंची तो अफरातफरी मच गई। ज्यादातर लोग इसे आयकर विभाग का छापा मान रहे थे। बाद में आयकर विभाग ने ऐसे किसी छापा कार्रवाई से इंकार किया तो पता चला कि जीएसटी टीम टैक्स हेराफेरी की शिकायत पर जांच करने आई है।
मंगलवार दोपहर को आयकर छापामार कार्रवाई को लेकर चर्चाएं बनी रहीं। केंद्रीय जीएसटी मेरठ की टीम जैसे ही होराइजन कार्यालय पहुंची तो वहां खलबली मच गई। टीम ने कार्यालय में आवागमन प्रतिबंधित कर दिया। जीएसटी ने कारोबार संबंधी दस्तावेज तलब कर टैक्स इनपुट भी देखा। कारोबार से जुडे़ लेनदेन आदि रिकार्ड देखे और संबंधित कागजात अपने कब्जे में लिए। टीम ने इसके बाद पीलीभीत में भी इस कंपनी के रिकार्ड चेक किए। इसके साथ जमीन खरीद फरोख्त और जीएसटी भुगतान भी खंगाले। इस मामले में संबंधित कारोबारी प्रिंस छाबड़ा ने बताया कि उनकी प्रेसियर बिल्टेक फर्म एक्जीक्यूटिव क्लब के पास एक प्रोजेक्ट तैयार कर रही है। इसमें करीब 65 लाख रुपये जीएसटी जमा नहीं हो पाई है। केंद्रीय जीएसटी टीम सर्वे करने आई थी, कंपनी देय जीएसटी राशि जमा करेगी। कुछ अंश जमा करा दिया है।
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मंगलवार दोपहर को आयकर छापामार कार्रवाई को लेकर चर्चाएं बनी रहीं। केंद्रीय जीएसटी मेरठ की टीम जैसे ही होराइजन कार्यालय पहुंची तो वहां खलबली मच गई। टीम ने कार्यालय में आवागमन प्रतिबंधित कर दिया। जीएसटी ने कारोबार संबंधी दस्तावेज तलब कर टैक्स इनपुट भी देखा। कारोबार से जुडे़ लेनदेन आदि रिकार्ड देखे और संबंधित कागजात अपने कब्जे में लिए। टीम ने इसके बाद पीलीभीत में भी इस कंपनी के रिकार्ड चेक किए। इसके साथ जमीन खरीद फरोख्त और जीएसटी भुगतान भी खंगाले। इस मामले में संबंधित कारोबारी प्रिंस छाबड़ा ने बताया कि उनकी प्रेसियर बिल्टेक फर्म एक्जीक्यूटिव क्लब के पास एक प्रोजेक्ट तैयार कर रही है। इसमें करीब 65 लाख रुपये जीएसटी जमा नहीं हो पाई है। केंद्रीय जीएसटी टीम सर्वे करने आई थी, कंपनी देय जीएसटी राशि जमा करेगी। कुछ अंश जमा करा दिया है।
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