{"_id":"5849bc664f1c1be35944a830","slug":"government-employee-pay-now-swipe-machine","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी कर्मचारी पेमेंट अब स्वाइप मशीन से ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी कर्मचारी पेमेंट अब स्वाइप मशीन से
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Fri, 09 Dec 2016 01:39 AM IST
विज्ञापन
स्वाइप मशीन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी और अर्द्ध सरकारी विभागों के कर्मियों के खातों में वेतन तो पहुंच गया है, लेकिन चेक से रुपये निकाले में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। भारतीय स्टेट बैंक ने इस समस्या को दूर करने के लिए मेन ब्रांच में स्वाइप मशीन लगा दी है, जिससे रुपये निकालने में कम समय लग रहा है।
ज्यादातर सरकारी विभागों के खाते एसबीआई मेन ब्रांच में संचालित हैं। नोट बंदी के बाद सेना, अर्द्ध सैन्य बल, प्रदेश फोर्स अफसर और जवान भी रुपये निकालने के लिए पहुंच रहे हैं। चेक प्रक्रिया से लेनदेन करने में देर ज्यादा लग रही थी, इसलिए चीफ ब्रांच मैनेजर सुनील शर्मा ने सरकारी भुगतान काउंटर पर स्वाइप मशीन लगवा दी। सरकारी कर्मचारी इसका इस्तेमाल करने लगे हैं।
काउंटर प्रभारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि जिन कर्मियों पर स्मार्ट कार्ड (डेबिट/क्रेडिट) नहीं हैं वे तुरंत इश्यू करा लें। कार्ड ब्रांच से जारी किए जा रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी आरके गौड़ ने बताया कि देश भर में मशीन से एक ही अवधि (एक सेकेंड) में चालीस ट्रांजेक्शन संभव हैं। इसका सर्वर बेलापुर (महाराष्ट्र) में लगा है।
विज्ञापन
पुलिस कर्मी नहीं जानते थे कार्ड का इस्तेमाल
गुरुवार दोपहर पुलिस लाइंस से बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मी एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंची हुई थीं। ज्यादातर महिला पुलिस कर्मियों ने भुगतान लेने के लिए कार्ड तो स्वाइप कर दिया, लेकिन पिन क्या होता है यह किसी को पता नहीं था। कई महिला पुलिस कर्मी इस गोपनीय कोड को भी एक दूसरे के साथ सार्वजनिक करती दिखीं। कैश की कमी होने पर भी बैैंक प्रबंधन ने कर्मियों को चार से दस हजार रुपये तक भुगतान कर संतुष्ट किया।
विज्ञापन
ज्यादातर सरकारी विभागों के खाते एसबीआई मेन ब्रांच में संचालित हैं। नोट बंदी के बाद सेना, अर्द्ध सैन्य बल, प्रदेश फोर्स अफसर और जवान भी रुपये निकालने के लिए पहुंच रहे हैं। चेक प्रक्रिया से लेनदेन करने में देर ज्यादा लग रही थी, इसलिए चीफ ब्रांच मैनेजर सुनील शर्मा ने सरकारी भुगतान काउंटर पर स्वाइप मशीन लगवा दी। सरकारी कर्मचारी इसका इस्तेमाल करने लगे हैं।
विज्ञापन
काउंटर प्रभारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि जिन कर्मियों पर स्मार्ट कार्ड (डेबिट/क्रेडिट) नहीं हैं वे तुरंत इश्यू करा लें। कार्ड ब्रांच से जारी किए जा रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी आरके गौड़ ने बताया कि देश भर में मशीन से एक ही अवधि (एक सेकेंड) में चालीस ट्रांजेक्शन संभव हैं। इसका सर्वर बेलापुर (महाराष्ट्र) में लगा है।
विज्ञापन
पुलिस कर्मी नहीं जानते थे कार्ड का इस्तेमाल
गुरुवार दोपहर पुलिस लाइंस से बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मी एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंची हुई थीं। ज्यादातर महिला पुलिस कर्मियों ने भुगतान लेने के लिए कार्ड तो स्वाइप कर दिया, लेकिन पिन क्या होता है यह किसी को पता नहीं था। कई महिला पुलिस कर्मी इस गोपनीय कोड को भी एक दूसरे के साथ सार्वजनिक करती दिखीं। कैश की कमी होने पर भी बैैंक प्रबंधन ने कर्मियों को चार से दस हजार रुपये तक भुगतान कर संतुष्ट किया।