Bareilly: युवक को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करा दी तीन महीने नौकरी, सरकारी डॉक्टर ने ठगे 10 लाख रुपये
सरकारी डॉक्टर और उसके बेटे ने नौकरी का झांसा देकर युवक से 10 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद उसे फर्जी नियुक्त पत्र देकर स्वास्थ्य केंद्र पर तीन महीने तक नौकरी करा दी। जब वेतन नहीं मिला तो युवक को शक हुआ।
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बरेली में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर सूदनपुर के सरकारी डॉक्टर और उसके बेटे ने 10 लाख रुपये की ठगी कर ली। आवेदक को डॉक्टर ने अपने अधीन तीन महीने नौकरी भी करवा दी। अब पीड़ित ने डॉक्टर और उसके बेटे के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बुलंदशहर के खुदादिया अहमदगढ़ निवासी राजकुमार मीना ने बताया कि उनकी मुलाकात लखनऊ निवासी राजन श्रीवास्तव से बरेली में हुई थी। राजन ने बताया कि सूदनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉ. वीरेंद्रनाथ चौधरी की जान-पहचान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के उच्चाधिकारियों से है। वह बीएचडब्ल्यू पद पर नियुक्ति करा देंगे।
युवक को थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र
इस पर राजकुमार, वीरेंद्र नाथ के बेटे राहुल के पास गए तो वह वीरेंद्र नाथ से मुलाकात कराने सूदनपुर अस्पताल लेकर गया। वहां वीरेंद्र ने बताया कि दो महीने में नियुक्ति करा दूंगा, लेकिन पांच लाख रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से लूंगा। विश्वास कर राजकुमार और उनके साले आकाश मीना ने अस्पताल में ही वीरेंद्र को 10 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद डॉ. वीरेंद्रनाथ ने सीएमओ की तरफ से जारी फर्जी नियुक्ति पत्र दोनों को थमा दिया।
राजकुमार और आकाश को परिचय पत्र देकर उनसे सूदनपुर अस्पताल में तीन महीने तक नौकरी करवाता रहा। वेतन नहीं मिलने पर राजकुमार को शक हुआ तो उसने रुपये वापस मांगे पर वीरेंद्रनाथ टरकाता रहा। राजकुमार मीना की तहरीर पर डॉ. वीरेंद्रनाथ और उसके बेटे राहुल के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।