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Bareilly News: जांच में घी पास, फेल हो रहे रसमलाई और सोनपापड़ी के नमूने
Fri, 27 Sep 2024 09:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 27 Sep 2024 09:42 PM IST
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बरेली। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से हर माह जिले में खाद्य पदार्थों के नमूने भरे जाते हैं। उनकी हर माह रिपोर्ट आती है और कार्रवाई भी होती है। हालिया जांच रिपोर्ट ने रसमलाई व सोनपापड़ी की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर दिया है। अब तक इनके जो भी नमूने भरे गए हैं, उनमें से ज्यादातर जांच में फेल रहे, जबकि घी का कोई नमूना फेल नहीं हुआ।
अप्रैल से लेकर अब तक विभाग की ओर से 160 नमूने भरे जा चुके हैं। इनमें से 100 की जांच रिपोर्ट भी आ चुकी है। इनमें से 25 फीसदी नमूने ही सुरक्षित पाए गए हैं। कुछ अधोमानक तो अधिकतर असुरक्षित पाए गए। इनमें अधिकतर नमूने रसमलाई और सोनपापड़ी के शामिल थे। संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की बात चल रही है, पर कहीं न कहीं रसमलाई व सोनपापड़ी खाने के शौकीनों को धक्का लगा है। मसाले, नमकीन, मिर्च, दूध और पनीर के भी अधिकतर नमूने फेल पाए गए हैं।
जानकारों का कहना है कि दूध से बने खाद्य पदार्थों में सबसे ज्यादा मिलावट हो रही है। शुद्ध दूध शहर तक नहीं आ पा रहा है। दूधिया उसमें 30 फीसदी से लेकर 40 फीसदी तक पानी की मिलावट कर रहे हैं। कहीं-कहीं सिंथेटिक दूध की आपूर्ति भी की जा रही है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। घी के सभी आठ नमूने जांच में पास रहे। 15 सितंबर को भी घी के तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। नमकीन के 16 नमूनों की जांच रिपोर्ट भी आनी बाकी है।
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वर्जन
जिले में लगातार खाद्य पदार्थों के नमूने भरे जा रहे हैं। प्रयोगशाला में जिनके नमूने फेल पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जा रही है। अभी कुछ दिन पहले भी नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। - अपूर्व श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त खाद्य
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अप्रैल से लेकर अब तक विभाग की ओर से 160 नमूने भरे जा चुके हैं। इनमें से 100 की जांच रिपोर्ट भी आ चुकी है। इनमें से 25 फीसदी नमूने ही सुरक्षित पाए गए हैं। कुछ अधोमानक तो अधिकतर असुरक्षित पाए गए। इनमें अधिकतर नमूने रसमलाई और सोनपापड़ी के शामिल थे। संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की बात चल रही है, पर कहीं न कहीं रसमलाई व सोनपापड़ी खाने के शौकीनों को धक्का लगा है। मसाले, नमकीन, मिर्च, दूध और पनीर के भी अधिकतर नमूने फेल पाए गए हैं।
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जानकारों का कहना है कि दूध से बने खाद्य पदार्थों में सबसे ज्यादा मिलावट हो रही है। शुद्ध दूध शहर तक नहीं आ पा रहा है। दूधिया उसमें 30 फीसदी से लेकर 40 फीसदी तक पानी की मिलावट कर रहे हैं। कहीं-कहीं सिंथेटिक दूध की आपूर्ति भी की जा रही है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। घी के सभी आठ नमूने जांच में पास रहे। 15 सितंबर को भी घी के तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। नमकीन के 16 नमूनों की जांच रिपोर्ट भी आनी बाकी है।
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वर्जन
जिले में लगातार खाद्य पदार्थों के नमूने भरे जा रहे हैं। प्रयोगशाला में जिनके नमूने फेल पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जा रही है। अभी कुछ दिन पहले भी नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। - अपूर्व श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त खाद्य