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Bareilly News: ईंधन ने लगाई आग, बच्चों की वैन का किराया और फसलों की सिंचाई महंगी
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बरेली। पेट्रोल, डीजल की कीमतों में शनिवार को फिर बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ईंधन की महंगाई से स्कूल वैन चालक किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। बदहाल बिजली आपूर्ति से किसानों ने भी सिंचाई का खर्च बढ़ने की बात कही है। घर के बजट पर भी असर पड़ना तय है।
स्कूली वाहन संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतों के कारण खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल अवकाश चल रहा है, लेकिन दो सप्ताह में ही ईंधन की कीमतों में करीब पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़त से किराया बढ़ाने की विवशता है। अगर कीमतें स्थिर रहीं तो भी अभिभावकों को नए सत्र से वैन के मासिक किराये में करीब तीन सौ रुपये तक अधिक देना होगा। इस संबंध में स्कूल संचालकों से वार्ता भी की जा रही है कि वे फीस में ही वैन का किराया शामिल करेंगे या फिर वाहन चालकों को व्यक्तिगत स्तर पर किराया वसूलना होगा।
दूसरी ओर, किसानों के मुताबिक, धान की नर्सरी और रोपाई का समय शुरू होने वाला है। गांवों में दिन भर में बमुश्किल सात से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। इधर, डीजल महंगा होने से खेती और महंगी हो जाएगी, क्योंकि ट्यूबवेल संचालन और कृषि यंत्रों का किराया भी बढ़ेगा।
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लगातार बढ़ रही महंगाई
डीजल महंगा होने से वाहन चलाने की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किराया बढ़ाना मजबूरी हो है। - सुमित, वैन चालक मीरगंज
सिंचाई और ट्रैक्टर चलाने में पहले ही काफी खर्च आता है। बिजली आपूर्ति बदहाल है। संकट और बढ़ेगा। - राजेश कुमार, किसान, आंवला
महंगाई ऐसे ही बढ़ती रही तो किराना और फल-सब्जी आदि की परिवहन लागत भी बढ़ेगी और वे महंगे होंगे। - वेदराम, सर्विस सेंटर कर्मचारी
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स्कूली वाहन संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतों के कारण खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल अवकाश चल रहा है, लेकिन दो सप्ताह में ही ईंधन की कीमतों में करीब पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़त से किराया बढ़ाने की विवशता है। अगर कीमतें स्थिर रहीं तो भी अभिभावकों को नए सत्र से वैन के मासिक किराये में करीब तीन सौ रुपये तक अधिक देना होगा। इस संबंध में स्कूल संचालकों से वार्ता भी की जा रही है कि वे फीस में ही वैन का किराया शामिल करेंगे या फिर वाहन चालकों को व्यक्तिगत स्तर पर किराया वसूलना होगा।
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दूसरी ओर, किसानों के मुताबिक, धान की नर्सरी और रोपाई का समय शुरू होने वाला है। गांवों में दिन भर में बमुश्किल सात से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। इधर, डीजल महंगा होने से खेती और महंगी हो जाएगी, क्योंकि ट्यूबवेल संचालन और कृषि यंत्रों का किराया भी बढ़ेगा।
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लगातार बढ़ रही महंगाई
डीजल महंगा होने से वाहन चलाने की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किराया बढ़ाना मजबूरी हो है। - सुमित, वैन चालक मीरगंज
सिंचाई और ट्रैक्टर चलाने में पहले ही काफी खर्च आता है। बिजली आपूर्ति बदहाल है। संकट और बढ़ेगा। - राजेश कुमार, किसान, आंवला
महंगाई ऐसे ही बढ़ती रही तो किराना और फल-सब्जी आदि की परिवहन लागत भी बढ़ेगी और वे महंगे होंगे। - वेदराम, सर्विस सेंटर कर्मचारी