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साहब की जांच में आया ऐब तो पकड़ेगा एप
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बरेली। मिलावट के खेल में एफएसडीए के स्टाफ के लिए अब धंधेबाजों से सांठगांठ करना मुश्किल होने जा रहा है। शासन ने न सिर्फ खाद्य पदार्थों के नमूने भरने की प्रक्रिया में बदलाव कर इसे ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया है बल्कि एक ऐसा एप भी लांच किया है जो एफएसडीए के स्टाफ के मूवमेंट की जानकारी भी रखेगा। नमूने लेने के बाद स्टाफ को 24 घंटे के भीतर उसके संबंध में सारा ब्योरा एप के जरिये ऑनलाइन सिस्टम पर डालना होगा। यह सिस्टम प्रदेश भर में अगले महीने लागू कर दिया जाएगा।
एफएसडीए पर मिलावटखोरों से सांठगांठ की वजह से मिलावटी खाद्य पदार्थों के नमूने न भरने के आरोप लगना आम बात है। इसके साथ ऐसे खाद्य पदार्थों के नमूने भरने की तोहमत भी लगाई जाती है जो लैब में पास हो जाएं या फिर कभी भी जरूरत पड़ने पर उन्हें बदल दिया जाए। कई बार तो लैब से आई रिपोर्ट तक एफएसडीए में दबा दी जाती है। इस तरह की तमाम शिकायतें सरकार तक पहुंचने के बाद अब सिस्टम में बदलाव किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव एफएसडीए अनिता भटनागर जैन ने निर्देश जारी किए हैं कि दो सप्ताह तक ऑनलाइन सिस्टम की तकनीकी जानकारी स्टाफ को देकर अगले दो सप्ताह में इसे प्रयोग के तौर पर शुरू किया जाए। इसके बाद अगले महीने इस सिस्टम को पूरी तरह लागू कर दिया जाए। जिला अभिहित अधिकारियों से कहा गया है कि वे ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के लिए अधीनस्थों को जरूरी तकनीकी जानकारी दें। हालांकि एफएसडीए बरेली में अभी यह शुरुआत नहीं हुई है।
एप में होगा जीपीएस सिस्टम
एफएसडीए के स्टाफ को अपने मोबाइल फोन में मुख्यालय की ओर से लांच किया गया एप डाउनलोड करना होगा। यह एप खास तौर से डिजाइन कराया गया है जिसमें जीपीएस सिस्टम भी होगा ताकि टीम के मूवमेंट की जानकारी सीधे मुख्यालय और उच्चाधिकारियों को मिल पाए। टीम को नमूने भरने के बाद 24 घंटे में उसका सारा ब्योरा इस एप के जरिये ऑनलाइन करना होगा। इसमें यह विवरण भी शामिल होगा कि नमूने को जांच के लिए किस लैब में भेजा गया है। अभी तक सारा सिस्टम कागजी होने से एफएसडीए का स्टाफ आसानी से मनमानी कर लेता था।
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एफएसडीए पर मिलावटखोरों से सांठगांठ की वजह से मिलावटी खाद्य पदार्थों के नमूने न भरने के आरोप लगना आम बात है। इसके साथ ऐसे खाद्य पदार्थों के नमूने भरने की तोहमत भी लगाई जाती है जो लैब में पास हो जाएं या फिर कभी भी जरूरत पड़ने पर उन्हें बदल दिया जाए। कई बार तो लैब से आई रिपोर्ट तक एफएसडीए में दबा दी जाती है। इस तरह की तमाम शिकायतें सरकार तक पहुंचने के बाद अब सिस्टम में बदलाव किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव एफएसडीए अनिता भटनागर जैन ने निर्देश जारी किए हैं कि दो सप्ताह तक ऑनलाइन सिस्टम की तकनीकी जानकारी स्टाफ को देकर अगले दो सप्ताह में इसे प्रयोग के तौर पर शुरू किया जाए। इसके बाद अगले महीने इस सिस्टम को पूरी तरह लागू कर दिया जाए। जिला अभिहित अधिकारियों से कहा गया है कि वे ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के लिए अधीनस्थों को जरूरी तकनीकी जानकारी दें। हालांकि एफएसडीए बरेली में अभी यह शुरुआत नहीं हुई है।
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एप में होगा जीपीएस सिस्टम
एफएसडीए के स्टाफ को अपने मोबाइल फोन में मुख्यालय की ओर से लांच किया गया एप डाउनलोड करना होगा। यह एप खास तौर से डिजाइन कराया गया है जिसमें जीपीएस सिस्टम भी होगा ताकि टीम के मूवमेंट की जानकारी सीधे मुख्यालय और उच्चाधिकारियों को मिल पाए। टीम को नमूने भरने के बाद 24 घंटे में उसका सारा ब्योरा इस एप के जरिये ऑनलाइन करना होगा। इसमें यह विवरण भी शामिल होगा कि नमूने को जांच के लिए किस लैब में भेजा गया है। अभी तक सारा सिस्टम कागजी होने से एफएसडीए का स्टाफ आसानी से मनमानी कर लेता था।
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