श्यामगंज में 450 किलो रंगीन कचरी सीज
होली से पहले प्रशासन ने बाजारों में खाद्य पदार्थों की सेंपलिंग शुरू करा दी है। एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) की टीम ने बुधवार दोपहर श्यामगंज स्थित मिर्च वाली गली में छापामारी की। दो फर्मों से रंगीन कचरी के नमूने भरे। खबर मिलते ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया। उद्योग व्यापार मंडल के नेता भी आ धमके, लेकिन तब तक टीम अपना काम पूरा कर चुकी थी। चावल से बनने वाली कचरी का इस्तेमाल त्योहारों पर घर-घर किया जाता है। होली आने वाली है, सो निर्माताओं ने रंग बिरंगे खाद्य पदार्थ बेचने शुरू कर दिए हैं। इनसे बाजार पटा पड़ा है। खाद्य पदार्थों में कौन से कलर मिलाए जा रहे हैं, किसी को कुछ पता नहीं है। एफएसडीए अधिकारियों को पता चला कि खाद्य पदार्थों में मानक के विपरीत कलर मिलाकर बेचा जा रहा है। इस पर कार्ययोजना बनी और बाजारों में छापामार कार्रवाई बुधवार से शुरू हो गई। टीम ने सबसे पहले श्यामगंज में दिनेश ट्रेडर्स और राज ट्रेडर्स के यहां छापा मारा। दोनों जगह हरी, लाल, पीली रंगों से चावल से बनी कचरी का स्टाक मौजूद था। टीम का नेतृत्व कर रहीं एफएसडीए प्रमुख ममता कुमारी ने तीन सेंपल भरवाए। इसके साथ ही 450 किलो कचरी का स्टाक सीज कर दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह ने बताया कि खाद्य वस्तुओं के मानकों से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि वह जनहित और स्वास्थ्य हित में गुणवत्तायुक्त खाद्य वस्तुएं ही बेचें। उन्होंने बताया कि कचरी के नमूनों का लैब मेें परीक्षण कराया जाएगा। उधर, छापामार कार्रवाई की भनक लगते उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता आदि पहुंच गए। उनका कहना था कि प्रशासन और एफएसडीए व्यापारियों को गाइड करे कि वह कौन सा सामान बेचें और कौन सा नहीं।