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पहले चरण में बैरियर चौकी से जंक्शन तक का रूट प्रस्तावित
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बरेली। लाइट मेट्रो के रूट का सर्वे करके गई राइट्स कंपनी ने प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी है। कंपनी ने पहले चरण में बैरियर चौकी से सेटेलाइट होते हुए रेलवे जंक्शन तक का रूट प्रस्तावित किया है। दूसरा रूट जंक्शन से कुतुबखाना होते हुए बैरियर चौकी तक होगा। बीडीए इस रिपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव लेने के बाद राइट्स कंपनी के साथ बैठक करेगा। अक्तूबर तक डीपीआर तैयार होने का दावा किया जा रहा है।
राइट्स कंपनी ने प्रारंभिक रिपोर्ट में कि शहर में मेट्रो संचालन की हामी भरी है। हालांकि कुछ जगह मेट्रो का मार्ग भूमिगत होगा। पहले रूट में बैरियर चौकी से लेकर सेटेलाइट तक मेट्रो का मार्ग सड़क के बीचोंबीच डिवाइडर के ऊपर रहेगा। सेटेलाइट से लेकर चौकी चौराहे तक इसे भूमिगत मार्ग पर चलाया जा सकता है।
इसी तरह दूसरे मार्ग में रेलवे स्टेशन से चौपुला तक सड़क के साथ-साथ मेट्रो चलाने की योजना है। उसके बाद कुतुबखाना से ईंट पजाया तक भूमिगत मार्ग बनाने का प्रस्ताव है उसके बाद सड़क मार्ग के साथ मेट्रो की पटरी स्टेडियम रोड होते हुए बैरियर चौकी तक पहुंचेगी।
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खर्च होंगे चार हजार करोड़ से भी ज्यादा
लाइट मेट्रो चलाने के लिए शहर में दो रूट बनाने पर चार हजार करोड़ से अधिक की रकम खर्च होगी। पूरा मार्ग बीस किमी का होगा। प्रति किमी डेढ़ सौ से दौ सौ करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना जताई जा रही है। भूमिगत मार्ग पर मेट्रो का रूट बनाने पर दोगुना खर्च आता है। यह मार्ग लगभग तीन किमी का होगा। इसी आधार पर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
फिजिबिलिटी यहां ओके
पहले संभावना जताई जा रही थी घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले इलाकों से लाइट मेट्रो चलाना मुश्किल होगा। फिजिबिलिटी की संभावनाएं कम थी लेकिन राइट्स कंपनी ने नगर निगम के मोबिलिटी प्लान के आधार पर सर्वे करने के बाद मेट्रो के पहले रूट की फिजिबिलिटी ओके बताई है। अब जनप्रतिनिधियों के सुझावों के बाद इस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
लाइट मेट्रो के लिए राइट्स कंपनी की पहली रिपोर्ट आ गई है। कंपनी ने मेट्रो के संचालन के लिए दो रूट तय किए हैं। अब जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करके इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। - योगेंद्र कुमार, सचिव बीडीए
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राइट्स कंपनी ने प्रारंभिक रिपोर्ट में कि शहर में मेट्रो संचालन की हामी भरी है। हालांकि कुछ जगह मेट्रो का मार्ग भूमिगत होगा। पहले रूट में बैरियर चौकी से लेकर सेटेलाइट तक मेट्रो का मार्ग सड़क के बीचोंबीच डिवाइडर के ऊपर रहेगा। सेटेलाइट से लेकर चौकी चौराहे तक इसे भूमिगत मार्ग पर चलाया जा सकता है।
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इसी तरह दूसरे मार्ग में रेलवे स्टेशन से चौपुला तक सड़क के साथ-साथ मेट्रो चलाने की योजना है। उसके बाद कुतुबखाना से ईंट पजाया तक भूमिगत मार्ग बनाने का प्रस्ताव है उसके बाद सड़क मार्ग के साथ मेट्रो की पटरी स्टेडियम रोड होते हुए बैरियर चौकी तक पहुंचेगी।
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खर्च होंगे चार हजार करोड़ से भी ज्यादा
लाइट मेट्रो चलाने के लिए शहर में दो रूट बनाने पर चार हजार करोड़ से अधिक की रकम खर्च होगी। पूरा मार्ग बीस किमी का होगा। प्रति किमी डेढ़ सौ से दौ सौ करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना जताई जा रही है। भूमिगत मार्ग पर मेट्रो का रूट बनाने पर दोगुना खर्च आता है। यह मार्ग लगभग तीन किमी का होगा। इसी आधार पर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
फिजिबिलिटी यहां ओके
पहले संभावना जताई जा रही थी घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले इलाकों से लाइट मेट्रो चलाना मुश्किल होगा। फिजिबिलिटी की संभावनाएं कम थी लेकिन राइट्स कंपनी ने नगर निगम के मोबिलिटी प्लान के आधार पर सर्वे करने के बाद मेट्रो के पहले रूट की फिजिबिलिटी ओके बताई है। अब जनप्रतिनिधियों के सुझावों के बाद इस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
लाइट मेट्रो के लिए राइट्स कंपनी की पहली रिपोर्ट आ गई है। कंपनी ने मेट्रो के संचालन के लिए दो रूट तय किए हैं। अब जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करके इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। - योगेंद्र कुमार, सचिव बीडीए