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Bareilly News: खंभे और केबल खरीदने की फर्जी रसीद थमा कर किया फर्जीवाड़ा
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बरेली। सुभाषगर स्थित गंगानगर कॉलोनी में अवैध तरीके से बिजली लाइन बनाने के मामले में फर्जीवाड़े के कई राज खुल रहे हैं। कॉलोनाइनर-जेई व टीजी-टू के बीच 1.35 लाख रुपये के लेनदेन का खेल सामने आने के बाद अब यह भी पता लगा है कि टीजी-टू ने कॉलोनाइजर को एक ऐसी फर्म की रसीद दी थी, जो बंद हो चुकी है। फर्म से छह खंभे और केबल खरीदना दर्शाया गया था। जब बिल पर लिखे नंबर पर बातचीत की गई तो फर्जीवाड़ा सामने आया।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर ने फर्जीवाड़े की जांच एसई जेपी वर्मा को सौंपी है। जेपी वर्मा ने सभी पक्षों से अभिलेख तलब किए। जेई वीपी सिंह, टीजी-टू गोकुल मौर्य व कॉलोनाइजर के बयान लिए। जब यह पता किया गया कि खंभे व सामान कहां से आया है तो स्पष्ट हुआ कि पांच खंभे विभाग के हैं और एक खंभा उस फर्म से लिया गया है, जो बिजली विभाग को खंभे-केबल की आपूर्ति करती है।
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जांच में यह भी पता लगा कि विभाग में रुपये जमा किए बगैर जेई और टीजी-टू ने खंभे और एबीसी केबल दिया था। जांच अधिकारी की रिपोर्ट सोमवार को मुख्य अभियंता के पास पहुंचेगी। इसके बाद जेई पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। मामले में टीजी-टू को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
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